Bihar News : बिहार में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर जेडीयू के दो प्रमुख चेहरों अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। अनंत सिंह के खुले तौर पर नीरज कुमार के खिलाफ खड़े होने और जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन के बाद अब इस पूरे मामले पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का बयान सामने आया है।


विजय कुमार सिन्हा ने अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए चुनाव की प्रकृति और मतदाताओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव है और इसमें अंतिम फैसला जनता ही करेगी। विजय सिन्हा ने कहा, "यह पढ़े-लिखे लोगों का चुनाव है। वोट जनता देगी ना। जनता मालिक है, वही निर्णय करेगी।"बिहार में फिर से अराजकता नहीं उत्पन्न हो, अच्छे लोगों की जमात बिहारियों को गौरान्वित करें, बिहार समृधि के तरफ बढे यही सब बिहारियों की चाहत है। हालाँकि बिहार में बढ़ते अपराध के सवाल पर विजय सिन्हा ने कहा कि- बिहार की सरकार अपराधियों को बर्दास्त नहीं करेगी उन्हें सलाखों के पीछे जाना चाहिए।


विजय कुमार सिन्हा के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। एनडीए ने उनके समर्थन में पूरी ताकत झोंकने का दावा किया है। वहीं दूसरी ओर जेडीयू के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


अनंत सिंह जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह लगातार अपने समर्थकों के बीच जाकर अनुज सिंह के पक्ष में वोट की अपील कर रहे हैं। अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज कुमार ने कई मौकों पर उनका विरोध किया है और पार्टी के भीतर उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। हालांकि, जेडीयू नेतृत्व की ओर से लगातार पार्टी और एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट रहने का संदेश दिया जा रहा है।


इस बीच नीरज कुमार भी अनंत सिंह के हमलों पर कई बार प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि चुनाव में पार्टी और गठबंधन से बड़ा कोई व्यक्तिगत समीकरण नहीं है। नीरज कुमार लगातार अपने प्रचार अभियान में कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर एनडीए उम्मीदवार को जिताने की अपील कर रहे हैं।


पटना स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प हो गया है क्योंकि चुनाव मैदान में कई उम्मीदवार हैं और अलग-अलग राजनीतिक धड़े अपने-अपने स्तर पर समीकरण बनाने में जुटे हैं। करीब 88 हजार मतदाताओं वाली इस सीट पर उम्मीदवारों की जीत-हार में व्यक्तिगत संपर्क, संगठन और स्थानीय राजनीतिक समीकरण की बड़ी भूमिका मानी जा रही है।


ऐसे में विजय कुमार सिन्हा का यह कहना कि "जनता मालिक है और वही निर्णय करेगी", सीधे तौर पर इस बात की ओर इशारा करता है कि आखिरकार विवाद और राजनीतिक दावों से अलग मतदाता ही अपना फैसला सुनाएंगे। अब देखना होगा कि अनंत सिंह की नाराजगी, नीरज कुमार का संगठनात्मक आधार और एनडीए की एकजुटता में से कौन सा फैक्टर पटना स्नातक सीट के चुनाव में निर्णायक साबित होता है।