Bihar News : पटना स्नातक सीट पर चुनावी घमासान के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने एक बार फिर जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने साफ कहा है कि वह नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पार्टी को कोई चुनौती नहीं दे रहे हैं। अनंत सिंह का कहना है कि पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर पार्टी को जितना बेचैन होने की जरूरत है, उससे कहीं ज्यादा बेचैनी दिखाई जा रही है और यह जनता को भी अच्छा नहीं लग रहा है।
अनंत सिंह से जब नीरज कुमार और उनके बीच चल रहे विवाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा कि 23 अक्टूबर को सब कुछ साफ हो जाएगा। उन्होंने नीरज कुमार के 18 साल के राजनीतिक अनुभव और दबदबे पर तंज कसते हुए कहा कि 23 तारीख को उनका ‘सारा गैस निकल जाएगा।’ अनंत सिंह ने यहां तक कह दिया कि 18 साल का जो ‘गैस’ है, वह इस चुनाव के बाद पूरी तरह निकल जाएगा और फिर कभी गैस नहीं होगा।
अनंत सिंह के इस बयान में सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने अपने विरोध को पार्टी विरोध मानने से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में हैं और पार्टी को चुनौती देने की उनकी कोई मंशा नहीं है। उनका विरोध सिर्फ नीरज कुमार से है। अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने उनके साथ गलत किया है, इसलिए वह भी उनके खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने इसे किसी को दी गई चुनौती नहीं, बल्कि अपने तरीके से राजनीतिक जवाब बताया।
अनंत सिंह ने कहा कि पटना स्नातक सीट पर कुल 18 उम्मीदवार मैदान में हैं और उन्हें भरोसा है कि बाकी 17 उम्मीदवार हारेंगे, जबकि जीत उनकी पसंद के उम्मीदवार की होगी। उन्होंने कहा कि वह किसी को चुनौती नहीं दे रहे हैं। उनका कहना था कि चुनाव का परिणाम आने दीजिए, सब कुछ अपने आप सामने आ जाएगा।
अनंत सिंह के बयान का सबसे बड़ा संदेश जेडीयू के लिए था। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस चुनाव को लेकर इतना बेचैन नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, जिस तरह से पार्टी के स्तर पर इस चुनाव को लेकर सक्रियता और बेचैनी दिखाई जा रही है, वह जनता को अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर नीरज कुमार ने उनके साथ गलत किया है तो पार्टी को उन्हें शांत बैठा देना चाहिए था। अनंत सिंह के मुताबिक, अगर ऐसा किया जाता तो वह भी आज कुछ नहीं बोलते। लेकिन अब वह नीरज कुमार का विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
अनंत सिंह ने अपने विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार विधानसभा चुनाव में वह टिकट लेने के लिए गए तक नहीं थे। उनके मुताबिक, तात्कालिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें जबरदस्ती टिकट दिया और चुनाव लड़ने को कहा। इसके बाद उन्होंने मजबूरी में चुनाव लड़ा। अनंत सिंह ने खुद को नीतीश कुमार का ‘भक्ति आदमी’ बताते हुए कहा कि वह नीतीश कुमार के साथ हैं और पार्टी में भी हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी दूसरे नेता को नहीं जानते और पार्टी में जो हैं, उनके साथ ही हैं। लेकिन नीरज कुमार के मामले में उनका रुख अलग है और वह उनका विरोध करते रहेंगे।
ललन सिंह की भूमिका और इस पूरे विवाद से खुद को दूर रखने को लेकर जब अनंत सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह नेताओं के बारे में ज्यादा नहीं जानते। उन्होंने यह भी कहा कि वह न तो टीवी देखते हैं और न ही मोबाइल देखते हैं। इसलिए कौन नेता उनके बारे में क्या कह रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
अनंत सिंह ने कहा कि अगर कोई उनके बारे में बोल रहा है तो यह अच्छी बात है। उन्होंने यह भी कहा कि वह नीरज कुमार से यह नहीं कह रहे हैं कि वह उनसे माफी मांगें। लेकिन साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि वह नीरज कुमार को छोड़ने वाले भी नहीं हैं।
अब सबकी नजर 23 अक्टूबर पर है, जब पटना स्नातक सीट के लिए मतदान होगा। अनंत सिंह के बयानों ने इस चुनाव की राजनीतिक गर्मी और बढ़ा दी है। एक तरफ जेडीयू अपने उम्मीदवार नीरज कुमार को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं अनंत सिंह खुलकर उनके खिलाफ खड़े हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ जीत-हार का नहीं, बल्कि यह भी है कि 23 अक्टूबर का मतदान जेडीयू के भीतर चल रही इस राजनीतिक खींचतान को किस दिशा में ले जाता है।