बिहार की सियासत में मोकामा के विधायक अनंत सिंह और जेडीयू के विधान पार्षद नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई है। अनंत सिंह की ओर से नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब जेडीयू नेता ने भी खुलकर पलटवार किया है। नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों को फालतू बताते हुए उन्हें अस्त्रहीन व्यक्ति तक कह दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने ललन सिंह के साथ अपने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए 2019 के लोकसभा चुनाव की घटना को भी याद दिलाया है।
दरअसल, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है। अनंत सिंह का दावा है कि दुलारचंद यादव की हत्या के पीछे नीरज कुमार का हाथ है। हालांकि, यह अनंत सिंह का आरोप है और इसकी पुष्टि किसी न्यायिक निष्कर्ष से नहीं हुई है। इस बयान के बाद जब नीरज कुमार से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उनका गुस्सा साफ नजर आया।
नीरज कुमार ने तल्ख अंदाज में कहा, "भक्क! यह सब फालतू बात है। उसके बारे में मुझसे पूछते ही क्यों हैं? अब तो उसके बारे में बोलने में भी खराब लगता है। ये लोग कोई स्तर के आदमी हैं क्या? अस्त्रहीन आदमी से बात करना क्या जरूरी है?" उनके इस बयान ने दोनों नेताओं के बीच पहले से चल रही तल्खी को और बढ़ा दिया है।
‘आरोप लगाते रहिए, भगवान और न्यायपालिका सब देख रहे हैं’
नीरज कुमार यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि उन पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन भगवान और न्यायपालिका सब कुछ देख रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "हम पर भी आरोप लगाते रहिए। मानसिक तनाव लेते रहिए। दिमाग की नस आग-बबूला हो जाएगी। फर्जी बातें करके किसी के बारे में कुछ भी बोल देना और किसी पर अपमानजनक टिप्पणी कर देना क्या राजनीति का मापदंड है?"
नीरज कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद मोकामा की राजनीति में लगातार नए मोड़ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ अनंत सिंह अपने ऊपर हो रही कार्रवाई और पार्टी के रवैये को लेकर नाराजगी जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ जेडीयू के नेता भी उनके बयानों पर खुलकर जवाब दे रहे हैं।
पार्टी के फैसले पर अनंत सिंह की नाराजगी, नीरज ने कहा- जेडीयू सबकी है
जब नीरज कुमार से अनंत सिंह के उस बयान पर सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी के लोग उनके साथ गलत कर रहे हैं और नीरज कुमार ने भी पहले उनके खिलाफ गलत काम किया था, तो उन्होंने इस सवाल को पार्टी के पाले में डाल दिया।नीरज कुमार ने कहा कि इस बारे में पार्टी से सवाल पूछना चाहिए। पार्टी किसी एक व्यक्ति की नहीं है। इसे बनाने में सभी लोगों का योगदान है। लेकिन पार्टी का अपना निर्णय होता है और उस निर्णय को सभी को मानना पड़ता है।उनके इस जवाब से साफ है कि अनंत सिंह की नाराजगी और पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को लेकर नीरज कुमार फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं हैं।
ललन सिंह को बधाई देने के सवाल पर 2019 का हिसाब क्यों ले आए नीरज?
इस पूरे विवाद में केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह का नाम भी चर्चा में है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को पार्टी का आदरणीय नेता, वरिष्ठ नेता और संस्थापक सदस्य बताते हुए उनके सम्मान की बात कही थी। इसके बाद नीरज कुमार से सवाल किया गया कि आखिर वह ललन सिंह से बधाई लेने क्यों नहीं जाएंगे?
इस पर नीरज कुमार ने कहा कि ललन सिंह के सम्मान को लेकर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा, "इस बात को कौन नहीं मान रहा है? सवाल यह है कि क्रिया के विरुद्ध प्रतिक्रिया होती है। क्रिया की शुरुआत 2019 में हुई थी।"नीरज कुमार ने 2019 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया गया था, जबकि उनका उस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उनके मुताबिक, बाद में पुलिस ने जांच की और न्यायपालिका की प्रक्रिया के बाद मामला बंद कर दिया गया।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि 2019 की घटना का हिसाब 2026 में मांगा जाएगा तो क्या वह विरोध भी नहीं करेंगे? नीरज ने बताया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में ललन सिंह जेडीयू के उम्मीदवार थे और 2024 के चुनाव में भी उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से काम किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बेईमानी करने की आदत नहीं है और न ही वह किसी व्यक्तिगत इच्छा के लिए राजनीति करते हैं।
इस बयान के बाद जेडीयू के भीतर ललन सिंह और नीरज कुमार के बीच पुराने घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, नीरज कुमार ने यह स्पष्ट किया कि ललन सिंह के वरिष्ठ और संस्थापक नेता होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन 2019 की घटना को वह भूले नहीं हैं।
तीन सीटों की हार पर चुप्पी और एक जीत की इतनी चर्चा क्यों?
बातचीत के दौरान एमएलसी चुनाव में जेडीयू के प्रदर्शन को लेकर भी नीरज कुमार से सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि पार्टी चार सीटों में से तीन सीट हार गई, जबकि केवल एक सीट पर जीत मिली। इसके बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा इसी एक सीट की क्यों हो रही है?
इस पर नीरज कुमार ने मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि टीआरपी के चक्कर में राजनीतिक रूप से कुछ लोगों को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा माहौल बनाया गया, जैसे किसी की ताकत से पूरी पृथ्वी हिल जाएगी। गमछा हिलने और हाथ फैलाने जैसी गतिविधियों को भी जरूरत से ज्यादा प्रचारित किया गया। उन्होंने कहा कि यह स्नातक क्षेत्र का चुनाव था, लेकिन इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया गया। उनके मुताबिक, दूसरी सीटों पर पार्टी ने उतना अधिक ध्यान नहीं दिया, जितनी चर्चा एक सीट को लेकर हुई।
मोकामा से जेडीयू की अंदरूनी राजनीति तक पहुंची लड़ाई
नीरज कुमार के ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि अनंत सिंह के साथ उनकी लड़ाई अब सिर्फ दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोपों तक सीमित नहीं है। इसमें जेडीयू के अंदर पुराने मतभेद, ललन सिंह से जुड़ा 2019 का विवाद और एमएलसी चुनाव की राजनीति भी जुड़ गई है।
अब सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व इस बढ़ती तल्खी को किस तरह संभालता है? क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी आगे भी जारी रहेगी या जेडीयू का शीर्ष नेतृत्व दोनों पक्षों के बीच कोई रास्ता निकालेगा? फिलहाल मोकामा की राजनीति में एक-दूसरे पर हमले जारी हैं और इस पूरे विवाद में ललन सिंह का नाम भी एक अहम राजनीतिक कड़ी बन गया है।