Bihar News:  बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर चल रही खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच जुबानी जंग अब बूथ पर मिले वोटों तक पहुंच गई है। अनंत सिंह जहां जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के विरोध में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं, वहीं नीरज कुमार ने अपने पुराने चुनावी आंकड़े सामने रखकर पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि अनंत सिंह से मतभेद होने के बावजूद उन्होंने अपने बूथ पर जेडीयू उम्मीदवारों को जिताने में भूमिका निभाई।


नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और उनके खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो वह उसका जवाब देते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार चल रही है और जेडीयू ने सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहने का फैसला किया है। ऐसे में सरकार के खिलाफ बोलने वालों का विरोध करना उनका नैतिक दायित्व है।


नीरज कुमार ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के आंकड़े भी गिनाए। उन्होंने कहा कि 2020 के मोकामा विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवार राजीव लौचन सिंह को उनके बूथ पर 264 वोट मिले थे, जबकि राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अनंत सिंह को 244 वोट मिले थे। नीरज के मुताबिक, यह आंकड़ा बताता है कि व्यक्तिगत मतभेदों के बावजूद उनके बूथ पर जेडीयू उम्मीदवार को अधिक समर्थन मिला था।


उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उस चुनाव में अनंत सिंह जेडीयू के टिकट पर मैदान में थे। नीरज कुमार के अनुसार, उनके बूथ पर अनंत सिंह को 437 वोट मिले, जबकि राजद उम्मीदवार बीना देवी को 197 वोट ही प्राप्त हुए। इन आंकड़ों के जरिए नीरज ने यह संदेश देने की कोशिश की कि चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के पक्ष में समर्थन जुटाना और किसी नेता के व्यक्तिगत प्रचार में शामिल होना दो अलग-अलग बातें हैं।


लोकसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए नीरज कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके बूथ पर ललन सिंह को 399 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार और अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को 171 वोट मिले थे। नीरज के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी ललन सिंह को उनके बूथ से 611 वोट मिले, जबकि राजद की अनिता देवी को महज 22 वोट मिले। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के आंकड़े उनके दावों की पुष्टि कर सकते हैं।


विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह का विरोध करने के आरोपों पर नीरज कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने किसी का विरोध नहीं किया था, बल्कि प्रचार में शामिल नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि वह अपने व्यक्तिगत फैसलों पर कायम रहते हैं और किसी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने या नहीं करने का निर्णय उनका अपना होता है। उनके इस बयान को अनंत सिंह के साथ जारी राजनीतिक टकराव के बीच अहम माना जा रहा है।


पटना स्नातक सीट पर अपनी जीत को लेकर भी नीरज कुमार ने भरोसा जताया। अनंत सिंह के विरोध के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमारी सीट तो कूल है, जिसको हिट होना है, वो अपना दिमाग हीट करते रहे।” उनके इस बयान से साफ है कि वह फिलहाल अपने चुनावी समीकरण को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।


वहीं, अनंत सिंह के घर में एके-47 रखवाने के आरोपों को भी नीरज कुमार ने खारिज किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा हुआ था तो इस संबंध में अदालत में आवेदन क्यों नहीं दिया गया। नीरज ने कहा कि उन्होंने कभी नीतीश कुमार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही पार्टी के खिलाफ बयानबाजी की।


नीरज कुमार ने अनंत सिंह के रुख को नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए एनडीए नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने निशांत कुमार को कमजोर करने की रणनीति का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये नीरज कुमार के राजनीतिक आरोप हैं।


फिलहाल पटना स्नातक सीट का मुकाबला जेडीयू के भीतर की खींचतान के कारण और दिलचस्प हो गया है। एक तरफ पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार अपने बूथ के आंकड़ों के सहारे अपनी स्थिति मजबूत बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं। अब देखना होगा कि यह आपसी टकराव चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है।