Patna Graduate MLC Election: अनंत के गढ़ में कितनी टक्कर? पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान खत्म होने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा मोकामा और उसके आसपास के इलाकों की हो रही है। वजह साफ है—यह वही इलाका है जहां जदयू विधायक अनंत सिंह की तूती बोलती है और इन्होंने जन सुराज प्रत्याशी का समर्थन किया है। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ नीरज कुमार बनाम अनुज कुमार की लड़ाई नहीं रह गया, बल्कि इसे अनंत सिंह के प्रभाव और नीरज कुमार की राजनीतिक पकड़ की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है।
मतदान के बाद सामने आ रही ग्राउंड रिपोर्ट में दोनों खेमों के बीच सीधी और कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है। हालांकि अभी किसी भी उम्मीदवार की जीत या हार का दावा करना जल्दबाजी होगी, लेकिन अलग-अलग प्रखंडों से मिल रहे फीडबैक ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
मोकामा में नीरज आगे, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा राजनीतिक नजर मोकामा प्रखंड पर रही। यहां कुल 3,078 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,891 मतदाताओं ने वोट डाला। स्थानीय ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक मोकामा प्रखंड में नीरज कुमार बढ़त बना सकते हैं। जबकि घोसवरी में कुल 491 पंजीकृत मतदाताओं में से 295 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।अगर अनंत सिंह के प्रभाव वाले इलाके में नीरज कुमार बढ़त बनाने में सफल होते हैं, तो यह उनके लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जाएगा। वहीं अनुज कुमार के समर्थकों के लिए मोकामा में मजबूत प्रदर्शन बेहद जरूरी है, क्योंकि उन्हें अनंत सिंह के समर्थन का सीधा फायदा मिलने की उम्मीद की जा रही थी। यानी मोकामा की लड़ाई में सिर्फ वोटों का अंतर महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि अनंत सिंह के समर्थन का कितना असर मतदाताओं के बीच दिखाई देता है।
पंडारक में नीरज-अनुज आमने-सामने
पंडारक में मुकाबला बेहद कांटे का बताया जा रहा है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार यहां नीरज कुमार और अनुज कुमार के बीच वोटों का अंतर काफी कम रह सकता है। पंडारक में 653 मतदाताओं ने मतदान किया है। ऐसे में यहां कुछ दर्जन वोटों का अंतर भी दोनों उम्मीदवारों की स्थिति पर असर डाल सकता है। यही वजह है कि पंडारक को मोकामा क्षेत्र के महत्वपूर्ण मुकाबले वाले इलाकों में गिना जा रहा है।
बाढ़ और अथमलगोला में अनुज को बढ़त की चर्चा
वहीं बाढ़ की तरफ तस्वीर थोड़ी अलग नजर आ रही है। स्थानीय फीडबैक के मुताबिक बाढ़ में अनंत सिंह समर्थित अनुज कुमार बढ़त बना सकते हैं। अथमलगोला से भी अनुज कुमार के पक्ष में सकारात्मक रुझान की चर्चा है। अगर इन दोनों इलाकों में अनुज कुमार को अच्छी बढ़त मिलती है तो वह मोकामा में नीरज कुमार की संभावित बढ़त की भरपाई करने की स्थिति में आ सकते हैं। यही चुनाव का सबसे बड़ा गणित है—एक तरफ मोकामा में नीरज की संभावित बढ़त, तो दूसरी तरफ बाढ़ और अथमलगोला में अनुज के पक्ष में बनता माहौल।
बेलछी में किसके साथ जाएगा वोट?
बेलछी प्रखंड कार्यालय क्षेत्र में मुकाबला फिलहाल पूरी तरह खुला हुआ है। ग्राउंड रिपोर्ट में यहां किसी एक उम्मीदवार की स्पष्ट बढ़त नहीं दिखाई दे रही है। दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थन का दावा कर रहे हैं। बेलछी जैसे करीबी मुकाबले वाले इलाके परिणाम के समय निर्णायक साबित हो सकते हैं। खासकर तब, जब नीरज कुमार और अनुज कुमार के बीच अंतिम अंतर बहुत कम रहता है।
बख्तियारपुर में नीरज को बढ़त का अनुमान
बख्तियारपुर से नीरज कुमार के लिए राहत वाली खबर है। ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक बख्तियारपुर में नीरज कुमार आगे रह सकते हैं। अगर बख्तियारपुर और मोकामा में नीरज को बढ़त मिलती है और दूसरी तरफ बाढ़-अथमलगोला में अनुज कुमार मजबूत प्रदर्शन करते हैं, तो मुकाबला बेहद करीबी बन सकता है। ऐसे में पंडारक और बेलछी जैसे इलाकों के वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
असली सवाल—अनंत का असर कितना?
इस पूरे चुनाव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अनंत सिंह के समर्थन का अनुज कुमार को कितना फायदा मिला? अनंत सिंह ने चुनाव के दौरान खुलकर अनुज कुमार के समर्थन में मोर्चा संभाला था। ऐसे में अगर अनुज कुमार मोकामा विधानसभा क्षेत्र के भीतर मजबूत प्रदर्शन करते हैं तो इसे अनंत सिंह की राजनीतिक पकड़ के तौर पर देखा जाएगा।
इसके उलट अगर नीरज कुमार अनंत के प्रभाव वाले इलाके में बढ़त बनाने में सफल होते हैं, तो यह भी कम बड़ा राजनीतिक संकेत नहीं होगा। इसका मतलब होगा कि संगठन, उम्मीदवार की अपनी पकड़ और स्नातक मतदाताओं के बीच नीरज कुमार की स्वीकार्यता ने स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को चुनौती दी है।
27 अक्टूबर को खुलेगा पत्ता
पटना स्नातक सीट पर कुल 18 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला नीरज कुमार, आरजेडी के दिलीप पटेल और जन सुराज समर्थित अनुज कुमार के बीच माना जा रहा है। शाम 4 बजे तक सीट पर 36.19 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।अब मतपेटियों में बंद वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। उससे पहले ग्राउंड रिपोर्ट अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग तस्वीर दिखा रही है।मोकामा में नीरज की संभावित बढ़त, पंडारक में कांटे की टक्कर, बाढ़-अथमलगोला में अनुज की संभावित बढ़त और बख्तियारपुर में नीरज के आगे रहने का अनुमान इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना रहा है।
अब देखना यह है कि 27 अक्टूबर को जब वोटों की गिनती होगी तो अनंत के गढ़ में उनका समर्थन अनुज कुमार को कितनी ताकत देता है और नीरज कुमार इस चुनौती को कितना रोक पाते हैं। यही पटना स्नातक सीट के नतीजे का सबसे बड़ा सवाल है।