Bihar MLC Election 2026 : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अब सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं रह गया है। जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के बीच चल रही सियासी लड़ाई में अब नवादा फैक्टर भी तेजी से सामने आ रहा है। जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का नवादा से गहरा नाता है। यह मूल रूप से यहीं के निवासी है और भूमिहार समुदाय से आते हैं। इन्हें जेडीयू विधायक और भूमिहार नेता अनंत सिंह का साथ हासिल है। इसके बाद यह माना जा रहा था कि नवादा इलाके में उन्हें इसका फायदा मिल सकता है। लेकिन मतदान से ठीक पहले सामने आई एक पोस्ट ने इस पूरे समीकरण को नया मोड़ दे दिया है।


दरअसल, नवादा के पूर्व सांसद और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष चंदन सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के पक्ष में मतदान करने की अपील की है। चंदन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नीरज कुमार को समाज के हर वर्ग के प्रति समर्पित, मृदुभाषी और मिलनसार व्यक्तित्व वाला नेता बताया है। उन्होंने मतदाताओं से नीरज कुमार के प्रति अपना विश्वास जताने और उन्हें समर्थन देने की अपील की है।

चंदन सिंह की यह अपील इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि वह सिर्फ नवादा के पूर्व सांसद नहीं हैं, बल्कि इस इलाके में उनके परिवार की राजनीतिक पकड़ भी लंबे समय से चर्चा में रही है। चंदन सिंह 2019 में नवादा लोकसभा सीट से लोजपा के टिकट पर सांसद बने थे। बाद में लोजपा में टूट के बाद उन्होंने पशुपति कुमार पारस के गुट का साथ दिया और अब वह राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष हैं।

यही वजह है कि चंदन सिंह की नीरज कुमार के पक्ष में खुली अपील को सिर्फ एक सामान्य समर्थन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। खासकर तब, जब पटना स्नातक सीट के चुनाव में अनंत सिंह अपनी ही पार्टी जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर जन सुराज के अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। अनंत सिंह नवादा तक पहुंचकर अनुज के लिए वोट मांग चुके हैं और उनके समर्थन में जन आशीर्वाद यात्रा भी निकाल चुके हैं।

अनुज सिंह का नवादा कनेक्शन

इस पूरे मामले की सबसे दिलचस्प कड़ी डॉ. अनुज सिंह का नवादा कनेक्शन है। जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का संबंध नवादा जिले से है और वह नवादा के न्यू एरिया इलाके के रहने वाले बताए जाते हैं। यही वजह है कि अनंत सिंह ने भी उनके समर्थन में नवादा में जोरदार प्रचार किया था।

अनंत सिंह के समर्थन से अनुज सिंह के लिए यह संदेश देने की कोशिश हुई कि नवादा में उनके पक्ष में मजबूत राजनीतिक माहौल बनाया जा सकता है। लेकिन अब उसी नवादा के पूर्व सांसद चंदन सिंह का नीरज कुमार के समर्थन में सामने आना चुनावी कहानी को दिलचस्प बना रहा है।

यानी एक तरफ अनंत सिंह नवादा की जमीन पर पहुंचकर अनुज के लिए वोट मांग रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसी इलाके से लोकसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके चंदन सिंह नीरज कुमार के पक्ष में मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। यही वजह है कि सियासी गलियारों में इसे ‘अनंत के कैंडिडेट के अपने ही घर में घिरने’ के तौर पर देखा जा रहा है।

सूरजभान-चंदन परिवार की भी अहमियत

चंदन सिंह की सियासी अहमियत को उनके बड़े भाई सूरजभान सिंह के प्रभाव से अलग करके भी नहीं देखा जा सकता। सूरजभान सिंह का नवादा-मोकामा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव माना जाता रहा है। चंदन सिंह भी इसी राजनीतिक विरासत के महत्वपूर्ण चेहरों में रहे हैं।

2025 के विधानसभा चुनाव में सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को राजद ने मोकामा से उम्मीदवार बनाया था और उनका मुकाबला जेडीयू के अनंत सिंह से हुआ था। यानी एक बार फिर सूरजभान परिवार और अनंत सिंह का राजनीतिक टकराव आमने-सामने दिखाई दिया था।अब उसी परिवार से आने वाले चंदन सिंह का नीरज कुमार के पक्ष में खुलकर वोट मांगना इस चुनाव में पुराने राजनीतिक रिश्तों और टकरावों की परछाई को भी सामने ला रहा है।

छोटी पार्टी, लेकिन बड़ा सियासी संदेश

हालांकि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी इस चुनाव में किसी बड़े गठबंधन की निर्णायक ताकत नहीं है, लेकिन चंदन सिंह की व्यक्तिगत राजनीतिक पहचान और नवादा में उनके परिवार की पकड़ इस अपील को चर्चा में ला रही है। राजनीति में कई बार पार्टी का आकार नहीं, बल्कि नेता का स्थानीय प्रभाव मायने रखता है। पटना स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। मुकाबले में जेडीयू के नीरज कुमार, जन सुराज के अनुज सिंह और राजद के दिलीप कुमार समेत कई उम्मीदवार हैं।

ऐसे में मतदान से ठीक पहले चंदन सिंह की यह पोस्ट नीरज कुमार के लिए कितना फायदा लेकर आती है, यह तो 27 अक्टूबर को नतीजे सामने आने के बाद ही साफ होगा। लेकिन इतना जरूर है कि अनंत सिंह जिस नवादा की जमीन पर अनुज सिंह के लिए ताकत जुटाने पहुंचे थे, उसी जमीन से अब नीरज कुमार के लिए चंदन सिंह की अपील ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है।

पटना स्नातक चुनाव में अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि नीरज बनाम अनुज में कौन आगे रहेगा, बल्कि सवाल यह भी है कि नवादा का राजनीतिक प्रभाव आखिर किसके पक्ष में जाता है—अनंत सिंह के साथ खड़े अनुज सिंह के या चंदन सिंह की अपील से नीरज कुमार के?