पटना/मोकामा: दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह को आगामी 1 दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर करना है। सरेंडर की तारीख नजदीक आने के बीच उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। अनंत सिंह ने दावा किया है कि जिस समय दुलारचंद यादव के साथ मारपीट की घटना हुई, उस समय वह घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर दूर निकल चुके थे। उन्होंने इस हत्याकांड में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। इतना ही नहीं, उन्होंने इस मामले में दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार और पुलिस अधिकारी कुंदन कृष्णन का भी नाम लिया है।

5 किलोमीटर दूर थी मेरी गाड़ी, तभी मिली लड़ाई की सूचना

अनंत सिंह ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मोकामा विधानसभा क्षेत्र के तारतड़ गांव में दुलारचंद यादव का घर है। वहां से खाना खाने के बाद वह अपने समर्थकों और काफिले के साथ निकले थे। उस समय कई लोग और गाड़ियां साथ थीं। कुछ गाड़ियां आगे निकल गई थीं, जबकि कुछ पीछे रह गई थीं।

अनंत सिंह के मुताबिक, वह जिस गाड़ी में सवार थे, वह घटनास्थल से करीब 5 किलोमीटर आगे निकल चुकी थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि पीछे लड़ाई हो गई है। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के पीछे चल रही गाड़ियों में फोन किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि आखिर विवाद किसके साथ हुआ है।उन्होंने दावा किया कि जिस जगह से वह खाना खाकर निकले थे, वहीं दुलारचंद यादव ने लड़ाई शुरू की थी। अनंत सिंह ने साफ कहा कि इस पूरी घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और वह घटनास्थल पर मौजूद भी नहीं थे।

मोबाइल से मिली दुलारचंद यादव की हत्या की खबर

जब अनंत सिंह से पूछा गया कि उन्हें दुलारचंद यादव की हत्या की जानकारी कैसे मिली, तो उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन के जरिए इस घटना की खबर फैल गई थी। हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी थी और उसी माध्यम से उन्हें भी हत्या की सूचना मिली।

उनका कहना है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, इस मामले में उनका नाम सामने आने के बाद से ही बिहार की राजनीति में लगातार हलचल मची हुई है। अब अनंत सिंह के इस बयान ने एक बार फिर मामले को चर्चा में ला दिया है।

दुलारचंद के पोते नीरज कुमार की वजह से मेरा नाम आया: अनंत सिंह

इस पूरे मामले में अनंत सिंह ने दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह विधान परिषद सदस्य और जेडीयू नेता नीरज कुमार की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार की बात कर रहे हैं।अनंत सिंह का दावा है कि इसी नीरज कुमार की वजह से उनका नाम दुलारचंद हत्याकांड में शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि जब वह इस मामले में जेल गए तो नीरज कुमार इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट चले गए।

यहां अनंत सिंह ने दो अलग-अलग नीरज कुमार का जिक्र कर राजनीतिक और कानूनी विवाद को और दिलचस्प बना दिया है। उन्होंने साफ किया कि उनके बयान में जिस नीरज कुमार का नाम है, वह दुलारचंद यादव के पोते हैं, न कि विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार।

कुंदन कृष्णन और एमएलसी नीरज कुमार पर भी लगाए आरोप

अनंत सिंह ने अपने बयान में बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुंदन कृष्णन और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दूसरे मामलों में इन दोनों की भूमिका रही है।हालांकि, कुंदन कृष्णन को लेकर अनंत सिंह ने एक अलग बात भी कही। उन्होंने बताया कि उनके भांजे और कुंदन कृष्णन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने खुद कुंदन कृष्णन से माफी मांगी थी।

अनंत सिंह के मुताबिक, उन्होंने कुंदन कृष्णन से कहा था कि उनके भांजे से गलती हो गई है, इसलिए उसे माफ कर दीजिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी कुंदन कृष्णन का कोई नुकसान नहीं किया और भांजे की वजह से पैदा हुए विवाद को भी खुद बातचीत करके खत्म करने की कोशिश की।

पुटुश हत्याकांड में भी फंसाने का लगाया आरोप

अनंत सिंह ने अपने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए पुटुश हत्याकांड को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया और जांच के दौरान सामने आए दूसरे मामलों को भी उनके खिलाफ जोड़ दिया गया।

उनके इस बयान से साफ है कि अनंत सिंह अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर पुलिस और कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

1 दिसंबर को सरेंडर, अब सबकी नजर अदालत पर

दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर करना है। ऐसे में उनके ताजा बयान ने इस मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।एक तरफ अनंत सिंह खुद को निर्दोष बताते हुए घटनास्थल से 5 किलोमीटर दूर होने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने दुलारचंद के पोते नीरज कुमार, विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार और कुंदन कृष्णन को लेकर कई आरोप लगाए हैं।

अब देखना होगा कि 1 दिसंबर को अदालत में सरेंडर के बाद इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और अनंत सिंह के इन आरोपों पर संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल मोकामा की राजनीति से लेकर बिहार के सियासी गलियारों तक अनंत सिंह के इस बयान की चर्चा तेज हो गई है।