पटना : बिहार की राजनीति में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है। पटना, नवादा और नालंदा के स्नातक मतदाताओं के बीच अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से जुड़े छात्र नेताओं की सक्रियता चर्चा में है। बताया जा रहा है कि BHU में पढ़ चुके सैकड़ों छात्र नेता इन जिलों में मतदाताओं के घर-घर पहुंचकर अनंत सिंह के समर्थन में संपर्क अभियान चलाएंगे। इस अभियान को अनंत सिंह और जदयू नेता नीरज कुमार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।


दरअसल, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की राजनीति में मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। एक तरफ जदयू के मौजूदा नेता और प्रत्याशी नीरज कुमार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह का खुलकर मैदान में उतरना पूरे समीकरण को नया रंग दे रहा है। अनंत सिंह पहले ही जनसूराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में अपनी सक्रियता दिखा चुके हैं। अब उनके समर्थन में BHU से जुड़े छात्र नेताओं की संभावित सक्रियता राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।


सूत्रों के मुताबिक, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर चुके छात्र नेताओं का एक समूह पटना, नवादा और नालंदा के उन स्नातक मतदाताओं से संपर्क करेगा, जिनका किसी न किसी रूप में BHU से जुड़ाव रहा है। अभियान के दौरान मतदाताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर चुनावी मुद्दों पर बातचीत करने और अनंत सिंह के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी।


इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें सीधे राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बजाय विश्वविद्यालय की पृष्ठभूमि वाले छात्र नेताओं को आगे रखने की तैयारी है। माना जा रहा है कि BHU से जुड़े मतदाताओं के बीच व्यक्तिगत संपर्क के जरिए चुनावी संदेश पहुंचाने की रणनीति अपनाई जाएगी। घर-घर संपर्क अभियान के दौरान स्थानीय मुद्दों, स्नातक मतदाताओं की समस्याओं और क्षेत्र की राजनीति पर भी चर्चा होने की बात सामने आ रही है।


अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार का एंगल

इस पूरे घटनाक्रम को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बढ़ती राजनीतिक खींचतान के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। अनंत सिंह का किसी प्रत्याशी के समर्थन में सक्रिय होना पहले ही चर्चा में है। अब BHU से जुड़े सैकड़ों छात्र नेताओं के संभावित अभियान से मुकाबला और रोचक होने की उम्मीद जताई जा रही है।


राजनीतिक जानकारों की नजर खास तौर पर पटना, नवादा और नालंदा के स्नातक मतदाताओं पर है। इन क्षेत्रों में व्यक्तिगत संपर्क और पुराने छात्र नेटवर्क चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि BHU से जुड़े छात्र नेताओं की सक्रियता को महज एक सामान्य जनसंपर्क अभियान के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।


बताया जा रहा है कि अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। पहले BHU से जुड़े स्नातक मतदाताओं की पहचान और उनसे संपर्क की रणनीति तैयार होगी। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में छात्र नेताओं की टीमें घर-घर जाकर मुलाकात करेंगी।


हालांकि, इस अभियान का अंतिम स्वरूप और इसमें शामिल होने वाले छात्र नेताओं की संख्या को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। लेकिन अगर BHU से जुड़े सैकड़ों छात्र नेता वास्तव में मैदान में उतरते हैं, तो पटना-नवादा-नालंदा के स्नातक वोटरों के बीच चुनावी चर्चा और तेज होना तय माना जा रहा है।


स्नातक चुनाव में मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों और नेताओं के साथ-साथ पुराने छात्र नेटवर्क की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में अनंत सिंह के समर्थन में BHU छात्र नेताओं का घर-घर संपर्क अभियान चुनावी माहौल में एक नया सियासी संदेश देने वाला कदम साबित हो सकता है।