Bihar Politics : बिहार की राजनीति में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के कथित तौर पर 9 मर्डर करने वाले बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। इस मामले में अब केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी का बयान सामने आया है। उन्होंने अनंत सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह उनका मामला है कि उन्होंने 9 मर्डर किया है, 10 मर्डर किया है या 25 मर्डर किया है , लेकिन हत्या करना गलत है। इसके साथ ही जब उनसे सवाल किया गया कि क्या अनंत सिंह पर कार्रवाई होनी चाहिए, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।


जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद अनंत सिंह के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं। एक तरफ अनंत सिंह अपने पुराने राजनीतिक संघर्षों और नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा का हवाला देते रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनके बयान को लेकर अब एनडीए के भीतर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। मांझी ने अपने बयान में साफ किया कि किसी भी परिस्थिति में हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता है और यदि इस तरह का मामला है, तो कार्रवाई होनी चाहिए।


अनंत सिंह के बयान पर मांझी ने क्या कहा?

दरअसल, अनंत सिंह के 9 मर्डर वाले हालिया बयान को लेकर जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से सवाल किया गया, तो उन्होंने इस मामले को लेकर अपनी राय रखी। मांझी ने कहा कि यह अनंत सिंह का मामला है कि उन्होंने 9 मर्डर किया है या 10 मर्डर किया है, लेकिन उनकी नजर में हत्या करना गलत है। उन्होंने कहा कि हत्या चाहे किसी के लिए की गई हो या किसी के कहने पर करवाई गई हो, उसे सही नहीं माना जा सकता।


मांझी के बयान का सबसे अहम हिस्सा वह रहा, जब उनसे पूछा गया कि क्या इस मामले में अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस सवाल पर उन्होंने किसी तरह की अस्पष्टता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।


उनके इस बयान को इस रूप में देखा जा रहा है कि राजनीतिक पहचान, प्रभाव या किसी व्यक्ति के पुराने संबंधों के आधार पर कानून से अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। हालांकि, किसी व्यक्ति के बयान के आधार पर अपराध सिद्ध नहीं होता। कार्रवाई और कानूनी निष्कर्ष संबंधित तथ्यों तथा जांच के आधार पर ही तय किए जाते हैं।


मालूम हो कि, मोकामा के विधायक अनंत सिंह बिहार की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज और विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। उन्हें समर्थक 'छोटे सरकार' के नाम से भी पुकारते हैं। हाल के दिनों में वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर भी सुर्खियों में हैं। इस चुनाव में वह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं, जबकि एनडीए की ओर से जेडीयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार मैदान में हैं।


अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं। अनंत सिंह कई बार नीरज कुमार के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। वहीं, नीरज कुमार भी पार्टी और गठबंधन के अनुशासन को लेकर अपना पक्ष रखते रहे हैं। इस पूरे विवाद में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका और अनंत सिंह को मनाने की कोशिशों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं।


इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में अनंत सिंह का हालिया बयान चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान को लेकर अब केवल विरोधी दल ही नहीं, बल्कि दूसरे राजनीतिक नेताओं से भी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जीतन राम मांझी की टिप्पणी इसी कड़ी में अहम मानी जा रही है।बिहार में इस समय एनडीए सरकार के सामने राजनीतिक एकजुटता बनाए रखने की चुनौती भी है। एक तरफ गठबंधन के नेता विपक्ष पर आपसी मतभेदों का आरोप लगाते हैं, तो दूसरी तरफ अपने ही खेमे के नेताओं के बयानों और चुनावी गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहते हैं। अनंत सिंह का नीरज कुमार के खिलाफ चुनावी रुख और अब 9 मर्डर वाले बयान को लेकर उठे सवाल इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा हैं।


हालांकि, जीतन राम मांझी ने अपने बयान में अनंत सिंह के राजनीतिक विरोध या एमएलसी चुनाव में उनके समर्थन को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने सीधे तौर पर हत्या को गलत बताया और कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। यही वजह है कि उनके बयान का मुख्य संदेश कानून और जवाबदेही से जुड़ा हुआ है। कुल मिलाकर, अनंत सिंह के 9 मर्डर वाले बयान ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर अपराध, कानून और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है। जीतन राम मांझी ने साफ कर दिया है कि हत्या किसी भी परिस्थिति में गलत है और यदि मामला बनता है, तो कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना होगा कि इस बयान के बाद बिहार की सियासत में यह मुद्दा कितना आगे बढ़ता है और संबंधित स्तर पर कोई आधिकारिक कदम उठाया जाता है या नहीं।