PATNA: पटना के गांधी मैदान स्थित श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में संविधान निर्माता भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने की, जबकि उद्घाटनकर्ता के रूप में वरिष्ठ नेता जीतन राम मांझी उपस्थित रहे।
जीतन राम मांझी ने शिक्षा, एकजुटता और अधिकारों पर दिया जोर
अपने संबोधन में जीतन राम मांझी ने बाबा साहब के विचारों को केंद्र में रखते हुए कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ा माध्यम है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आगे बढ़ने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध नहीं होगी, तब तक सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी रहेगी।
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने दलित एवं वंचित समाज से आह्वान किया कि वे आपसी भेदभाव, ऊँच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त कर एकजुटता की ताकत को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि समाज के भीतर की दरारें ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनती हैं।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बाबा साहब ने जो अधिकार दिलाए, उन्हें बचाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक और सक्रिय रहना होगा। मांझी ने कहा, “सामाजिक न्याय केवल भाषणों से नहीं, बल्कि जमीन पर बराबरी और सम्मान सुनिश्चित करने से स्थापित होता है।”
उन्होंने बाबा साहब के विचार “विकास एक ताला है और राजनीति उसकी चाबी है” को दोहराते हुए कहा कि जब तक वंचित समाज राजनीति में अपनी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो पाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर चलकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी और नई पीढ़ी को भी इसके प्रति जागरूक करना होगा। मांझी ने कहा कि कांशी राम जी बाबा साहेब के बड़े अनुयायी थे और वह हमेशा कहा करते थें कि राष्ट्रपति का बेटा हो या भंगी की संतान सबको मिले शिक्षा एक समान।
बाबा साहब ने भी अपनी पुस्तक हूँ वेयर शुद्र में कहा है कि शुद्र वह है जो शिक्षा से वंचित है।आज निःसंदेह हमारा समाज धीरे-धीरे शिक्षा की तरफ़ जुड़ रहा है पर समाज में जबतक समान शिक्षा व्यवस्था लागू नहीं होगी तबतक हमें बराबरी का हक नहीं मिल सकता और उसके लिए हम सबों को एकजुट होने की आवश्यकता है।
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने किया ऐलान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. संतोष कुमार सुमन ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि शिक्षा में असमानता ही समाज में व्याप्त असमानता की सबसे बड़ी जड़ है। उन्होंने कहा कि जब तक गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक सामाजिक न्याय केवल नारा बनकर रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि अधिकार बिना संघर्ष के नहीं मिलते, इसलिए समाज को लोकतांत्रिक तरीके से संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। डॉ. सुमन ने दलित समाज के भीतर मौजूद आंतरिक विभाजन पर चिंता जताते हुए एकजुटता का आह्वान किया और कहा कि छोटी-छोटी सामाजिक दीवारों को तोड़कर ही मजबूत समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने छुआछूत को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए इसे समाप्त करने के लिए व्यापक सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. सुमन ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि शिक्षा, संघर्ष और संकल्प ही समाज को आगे बढ़ाने का रास्ता है। उन्होंने दोहराया कि “विकास एक ताला है और राजनीति उसकी चाबी है” और वंचित समाज की सक्रिय राजनीतिक भागीदारी को अनिवार्य बताया।
हर जिले में दौरा और ‘गरीब चौपाल’ का ऐलान
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने इस अवसर पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे राज्य के प्रत्येक जिले का दौरा करेंगे और सीधे दलितों, गरीबों एवं वंचित समाज के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा “गरीब चौपाल” का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि एक जमीनी अभियान होगा, जिसके जरिए अंतिम पायदान के व्यक्ति तक न्याय और समाधान पहुंचाया जाएगा।
अंत में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के सभी नेताओं ने शपथ लिया कि पार्टी बाबा साहब के आदर्शों पर चलकर सामाजिक समरसता, समान शिक्षा और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। कार्यक्रम का संचालन पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजेश पांडेय एवं राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्यामसुंदर शरण द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सभा को संबोधित करने वालों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, सिकंदरा के विधायक प्रफुल्ल मांझी, बाराचट्टी की विधायक ज्योति मांझी, इमामगंज की विधायक दीपा मांझी, अतरी के विधायक रोमित सिंह, मुकेश मांझी, देवेंद्र मांझी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बिरेंद्र सिंह, रमेश सिंह, टूटू खान, सुनीता अशोक, निलेश सिंह, बबलू कुमार सिंह एवं शंकर मांझी सहित कई नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन गीता पासवान द्वारा किया गया।
इस अवसर पर मोहम्मद कमालुद्दीन, कमाल परवेज, भीम सिंह, अविनाश कुमार, कमलेश सिंह, बी पी सिंह, अनिल रजक, श्रवण कुमार, स्मिता शर्मा, आकाश कुमार, शकील हाशमी, असद परवेज, रघुबीर मोची, राकेश रंजन, श्रवण कुमार,डॉ. कैलाश, सुधीर यादव, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभा में लगभग 10 हजार की बड़ी भीड़ उमड़ी, जिसने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।