Bihar News: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में जवाबदेही तय करने की कार्रवाई लगातार जारी है। विभागीय कार्यों में लापरवाही, अनियमितता, कर्तव्यहीनता तथा विभागीय निर्देशों की अवहेलना के मामलों में मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने 10 अधिकारियों के विरुद्ध दंड एवं विभागीय कार्रवाई को मंजूरी दी।
सबसे बड़ी कार्रवाई में प्रभारी सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, समस्तीपुर अंजली कुमारी आनंद को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई है। वह जुलाई 2021 से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थीं और विभागीय कार्यवाही में भी सहयोग नहीं कर रही थीं।
इसके अलावा कुमारी आँचल (अंचल अधिकारी, छपरा सदर), अविनाश कुमार (तत्कालीन अंचल अधिकारी, बोधगया), रविन्द्र कुमार चौपाल (अंचल अधिकारी, अस्थावां), राकेश कुमार (अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण), ज्ञानीन्द्र (तत्कालीन अंचल अधिकारी, मोकामा), कौशिका कुमारी (अंचल अधिकारी, मधेपुर), नारायण राजा (अंचल अधिकारी, हथुआ), राम कुमार रमन (राजस्व अधिकारी, गया सदर) तथा संजीव कुमार (सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, गया) के विरुद्ध भी विभिन्न प्रकार की विभागीय कार्रवाई की गई है।
विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुमारी आँचल, रविन्द्र कुमार चौपाल और राकेश कुमार को निन्दन दंड दिया गया है। अविनाश कुमार की एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड दिया गया है। कौशिका कुमारी को चेतावनी दी गई है। वहीं ज्ञानीन्द्र, नारायण राजा और संजीव कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र गठित किए गए हैं। राम कुमार रमन के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, अनियमितता, कर्तव्यहीनता और लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है। आम जनता के हितों से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी राजस्व प्रशासन स्थापित करने की है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी विभाग द्वारा 32 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में राजस्व अधिकारी सोनी कुमारी के विरुद्ध भी सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई थी। ताजा कार्रवाई के साथ विभाग द्वारा कार्रवाई का सामना करने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।
दाखिल-खारिज, जमाबंदी, सरकारी भूमि संरक्षण, भू-हदबंदी, भू-अभिलेख एवं सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। समीक्षा में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।