Bihar Road Project: बिहार के पहले एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 189 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 30 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद गया, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा समेत कई जिलों के बीच यात्रा पहले से तेज और आसान हो जाएगी।



निर्माण एजेंसियों का लक्ष्य है कि इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा कर यातायात के लिए खोल दिया जाए। समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए एक्सप्रेसवे का निर्माण चार अलग-अलग पैकेजों में किया जा रहा है और सभी हिस्सों में एक साथ काम चल रहा है।



ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कई स्थानों पर मिट्टी भराई, पुल, फ्लाईओवर और मुख्य सड़क निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। करीब 189 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे बिहार के उत्तर और दक्षिण हिस्सों के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।



यह एक्सप्रेसवे गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा समेत कई प्रमुख जिलों को जोड़ेगा। इसके बनने से राज्य के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा और व्यापार, उद्योग, कृषि उत्पादों के परिवहन तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।



एक्सप्रेसवे का निर्माण चार पैकेजों में हो रहा है। पहला पैकेज आमस से जहानाबाद तक करीब 55 किलोमीटर हिस्से में लगभग 31 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दूसरा पैकेज जहानाबाद से पटना और वैशाली की दिशा में करीब 54 किलोमीटर हिस्से में भी लगभग 31 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। तीसरा पैकेज वैशाली से समस्तीपुर तक करीब 47 किलोमीटर हिस्से में लगभग 24 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। चौथा पैकेज समस्तीपुर से दरभंगा तक सड़क, पुल और अन्य संरचनाओं का निर्माण तेजी से जारी है।



आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे बिहार के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती देने वाली बड़ी परियोजना मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद राज्य में आवागमन आसान होने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। निर्माण एजेंसियां लगातार काम की गति बनाए हुए हैं ताकि निर्धारित समय पर एक्सप्रेसवे को तैयार किया जा सके।