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15-Feb-2026 07:44 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार सरकार राज्य में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से आठ जिलों से 19-सीटर विमान सेवा शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। इस योजना को प्राथमिकता देते हुए संबंधित जिलों में हवाई सेवा की संभावनाएं तलाशने के लिए प्री-फिजिबिलिटी स्टडी की अनुमति दे दी गई है।
इस कार्य के लिए 3.64 करोड़ रुपये की राशि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जारी की गई है। जानकारी के अनुसार सरकार मधुबनी, बीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, भागलपुर, सहरसा, मोतिहारी और छपरा में छोटे विमानों के संचालन की संभावनाओं पर काम कर रही है।
क्या होगा प्री-फिजिबिलिटी स्टडी में?
प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के तहत संबंधित स्थलों की भौगोलिक स्थिति, रनवे निर्माण की संभावना, भूमि उपलब्धता, संभावित यात्री मांग, सुरक्षा मानक, पर्यावरणीय प्रभाव तथा लागत-लाभ विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जांच की जाएगी। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि इन स्थानों पर 19-सीटर विमानों का नियमित संचालन व्यावहारिक है या नहीं। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
सीमावर्ती और पिछड़े इलाकों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि छोटे विमानों का संचालन शुरू होने से सीमावर्ती और पिछड़े जिलों को सीधा हवाई संपर्क मिलेगा। विशेष रूप से वाल्मीकिनगर और बीरपुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं मधुबनी, सहरसा और मुंगेर जैसे जिलों को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत नया अवसर मिलेगा। भागलपुर और मोतिहारी जैसे व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों में हवाई सेवा शुरू होने से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
आपदा प्रबंधन और चिकित्सा सुविधा में सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे विमानन ढांचे के विकास से राज्य के भीतर आवागमन का समय कम होगा। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक पहुंच को भी मजबूती मिलेगी। यदि अध्ययन रिपोर्ट सकारात्मक आती है, तो आने वाले समय में ये जिले क्षेत्रीय हवाई मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकते हैं। सरकार की इस पहल को बिहार में संतुलित क्षेत्रीय विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।