Bihar News: पश्चिमी चंपारण में शुक्रवार को मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जा रही सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के एसी कोच के पहिए से अचानक धुआं निकलने लगा। चलती ट्रेन के पहिए से धुआं उठता देख यात्रियों में अफरातफरी मच गई। अनहोनी की आशंका से घबराए यात्रियों में एसी बी-4 कोच से उतरने की आपाधापी शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन रोक दी। चालक, गार्ड और ट्रेन मैनेजर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
घटना शुक्रवार अपराह्न करीब 3 बजे के बाद साठी और नरकटियागंज रेलवे स्टेशन के बीच हिच्छोपाल रेलवे गुमटी के समीप हुई। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन संख्या 12557 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 30 मिनट की देरी से चनपटिया रेलवे स्टेशन से रवाना हुई थी। ट्रेन जब साठी स्टेशन से नरकटियागंज की ओर जा रही थी, तभी हिच्छोपाल रेलवे गुमटी के पास पिलर संख्या 236/40 के समीप एसी कोच बी-4 के पहिए से धुआं निकलने लगा।
लोको पायलट ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को रोक दिया। जांच के दौरान पता चला कि रेलवे ट्रैक के पास रखे पत्थर के संपर्क में आने से कोच का प्रेशर कॉक तिरछा हो गया था। इसके कारण पहिए के पास घर्षण से गर्मी उत्पन्न हुई और धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद हिच्छोपाल रेलवे गुमटी के पास ट्रेन करीब 20 मिनट तक खड़ी रही। प्रारंभिक जांच में स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
अपराह्न करीब 3:30 बजे सप्तक्रांति एक्सप्रेस नरकटियागंज जंक्शन पहुंची। यहां रेलवे अधिकारियों ने एसी कोच के प्रेशर कॉक की बारीकी से जांच की। सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरेज एंड वैगन उमेश कुमार, जंक्शन प्रबंधक मोहम्मद कलीम समेत अन्य अधिकारियों ने कोच का निरीक्षण किया। आवश्यक सुधार और स्थिति संतोषजनक पाए जाने के बाद ट्रेन को अपराह्न 3:44 बजे आनंद विहार के लिए रवाना कर दिया गया।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैरेज एंड वैगन उमेश कुमार ने बताया कि प्रेशर कॉक तिरछा होने के कारण पहिए के पास अचानक धुआं निकलने लगा था। यह कोई बड़ी घटना नहीं थी। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल जांच-पड़ताल कर आवश्यक सुधार किया, जिसके बाद ट्रेन का परिचालन सामान्य कर दिया गया।
प्रेशर कॉक ट्रेन के एयर ब्रेक सिस्टम का एक महत्वपूर्ण वाल्व होता है। इसके माध्यम से ब्रेक पाइप में हवा के दबाव को नियंत्रित किया जाता है। पहिए के पास लगे इस उपकरण के क्षतिग्रस्त होने या अपनी जगह से खिसकने पर ब्रेक सिस्टम प्रभावित हो सकता है। इस मामले में प्रेशर कॉक तिरछा होने से घर्षण और गर्मी उत्पन्न हुई, जिसके कारण पहिए के पास से धुआं निकलने लगा। समय रहते ट्रेन रोककर जांच किए जाने से किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।