Ramnagar Vijay Sahani Murder Case: पश्चिम चंपारण के रामनगर थाना क्षेत्र के चर्चित विजय कुमार सहनी हत्याकांड में अदालत ने करीब चार साल से अधिक समय बाद अपना फैसला सुनाया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने मामले में पांच आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोषियों में मृतक विजय कुमार सहनी की सगी बहन गीता देवी भी शामिल है.


अदालत ने महफूज अंसारी, राजकिशोर महतो, तेतर राम उर्फ साधु, श्री मुशहर और गीता देवी को हत्या, अपहरण, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई. अदालत ने सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है.


एक मई 2022 को फोन कर बुलाया गया था विजय को

अभियोजन के अनुसार, घटना एक मई 2022 की शाम की है. विजय कुमार सहनी को पोखरा से जुड़े एक विवाद को सुलझाने के नाम पर फोन कर बुलाया गया था. फोन आने के बाद विजय अपनी बाइक से घर से निकले, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे.


परिजनों ने काफी देर तक उनकी तलाश की, लेकिन विजय का कोई सुराग नहीं मिला. कई जगह खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो उनकी पत्नी आशा देवी ने चार मई 2022 को रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.


बहन पर साजिश में शामिल होने का आरोप

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अपहरण, हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था. अभियोजन पक्ष का आरोप था कि विजय की हत्या की साजिश में उनकी सगी बहन गीता देवी भी शामिल थी और षड्यंत्र के तहत हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया.


अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए. इनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR समेत कुल 24 दस्तावेज अदालत के समक्ष रखे गए.


चार साल से अधिक चली सुनवाई के बाद आया फैसला

विजय कुमार सहनी हत्याकांड की सुनवाई चार साल से अधिक समय तक चली. इस दौरान अदालत में मामले से जुड़े गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन की ओर से दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए. सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पांच आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.


फैसले के बाद मृतक के स्वजन ने संतोष जताया है. परिजनों ने अदालत के फैसले पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय के बाद मामले में न्याय मिला है.


अभियोजन की ओर से एपीपी जितेन्द्र भारती ने मामले की पैरवी की. अदालत के इस फैसले के बाद रामनगर के चर्चित विजय सहनी हत्याकांड में पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हो गई है.