WEST CHAMPARAN: पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बसडा हिंदी में शनिवार को शिक्षकों की लापरवाही के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की।


अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में 110 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और छह शिक्षक पदस्थापित हैं, इसके बावजूद पढ़ाई की स्थिति काफी खराब है। आरोप है कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाने में लगे रहते हैं। साथ ही, सवाल पूछने पर शिक्षक राजेंद्र कुमार द्वारा अभिभावकों को धमकाने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।


प्रदर्शन में सरपंच पति राजेश पासवान, नरेश साह, शीतल कुमार, राजकुमार साह, प्रह्लाद साह, मुन्ना साह, प्रमोद साह, अनवर हुसैन, नाजिम आलम, रतन लाल साह, संतोष कुमार, विजय पासवान, निजामुद्दीन अंसारी, वार्ड सदस्य अर्जुन साह, मोहन साह, राजेश कुमार, खुशबुन निशा और जानकी देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर विद्यालय के सभी शिक्षकों के स्थानांतरण की मांग की।

वहीं, प्रधानाध्यापिका आशा सिंह ने भी शिक्षकों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए बताया कि कई बार समझाने के बावजूद शिक्षक निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हफीजुर्रहमान ने बताया कि शिकायत के आधार पर पांच सहायक शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।