WEST CHAMPARAN:पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में अमर्यादित आचरण करने वाले दो शिक्षकों पर गाज गिरी है। स्कूल में आपत्तिजनक व्यवहार करने वाले शिक्षक-शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्कूल में इन दोनों हरकतों के बाद ग्रामीणों ने हंगामा मचाया था। जिसके बाद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर डीईओ ने पूरे मामले की जांच कर दोनों महिला और पुरुष शिक्षक को सस्पेंड कर दिया।
अमर्यादित आचरण व अनुशासनहीनता के आरोप में पश्चिम चम्पारण में दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। बुधवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर डीईओ ने यह कार्रवाई की। विभाग ने दोनों शिक्षकों के कृत्य को पद की गरिमा और सरकारी सेवक के आचरण नियमों का उल्लंघन माना है।
निलंबित की गई विशिष्ट शिक्षिका गीतांजलि देवी और विशिष्ट शिक्षक रामप्रवेश पासवान नरकटियागंज प्रखंड के बरवा-2 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थे। विभाग द्वारा दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। तय अवधि तक उत्तर नहीं मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में शिक्षिका का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, रामनगर तथा शिक्षक का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, मझौलिया तय किया गया है। दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी किया जाएगा।
गौरतलब है कि पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बारवा-2 में सोमवार 27 जुलाई को शिक्षक और शिक्षिका के कथित आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर हंगामा हो गया। छात्रों द्वारा कथित रूप से देखी गई घटना की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों के विरोध से तनावपूर्ण बन गया था माहौल
ग्रामीणों के विरोध के कारण विद्यालय परिसर में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। इस बात की सूचना मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. संजय कुमार सिंह और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी।
शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई
तब बीईओ डॉ. संजय कुमार सिंह ने बताया था कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। प्रारंभिक स्तर पर दोनों संबंधित शिक्षकों को विद्यालय से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा था कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर निलंबन सहित अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
तब शिक्षक ने आरोपों से किया था इनकार
आरोपित शिक्षक रामप्रवेश पासवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया था। उनका कहना था कि उन्हें गलत तरीके से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री के निर्देश पर इसकी जांच की गयी। शिक्षा विभाग ने के अधिकारियों ने तब यह बताया था कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आज दोनों शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों पर गंभीर आरोप हैं जिसे देखते हुए यह कार्रवाई की गयी है। शिक्षा के मंदिर में इन दोनों पर अमर्यादित आचरण का आरोप लगा है।
बेतिया से संतोष की रिपोर्ट