Bihar Health News: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 25 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत हो गई. घटना पुरानी बाजार स्थित शुक्ला क्लीनिक की है, जहां गर्भ में मृत बच्चे को निकालने के लिए महिला को भर्ती कराया गया था. मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लीनिक के बाहर जमकर हंगामा किया और परिसर का घेराव कर दिया. परिजनों ने क्लीनिक प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है.


मृतका की पहचान इनरवा थाना क्षेत्र के घोड़पकड़ी गांव निवासी रेयाज अहमद की पत्नी सलमा खातून के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार, सलमा खातून के करीब पांच माह के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद मृत बच्चे को निकालने और डीएनसी कराने के लिए परिजन उन्हें शुक्ला क्लीनिक लेकर पहुंचे थे.


परिजनों का कहना है कि क्लीनिक में शुरुआती बातचीत के दौरान डीएनसी के लिए 14 हजार रुपये की बात तय हुई थी. इसमें से 11 हजार रुपये जमा भी कर दिए गए थे. आरोप है कि इसके बाद वहां मौजूद चिकित्सक ने डीएनसी को असुरक्षित बताते हुए सर्जरी कराने की बात कही और इसके लिए 25 हजार रुपये की मांग की.


स्वजनों के अनुसार, उनकी सहमति के बाद महिला को ऑपरेशन के लिए ले जाया गया. इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. महिला की मौत के बाद परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक प्रबंधन ने मामले को संभालने के बजाय उसे एंबुलेंस से बाहर भेजने की बात कही.


आरोप है कि इसी दौरान क्लीनिक संचालक और वहां मौजूद कर्मचारी मौके से फरार हो गए. महिला की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने क्लीनिक के बाहर हंगामा शुरू कर दिया.


सूचना मिलने पर पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और मामले की जानकारी ली. घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.


अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि मामले की सूचना मिली है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.