Bihar Viral video: बेतिया के मझौलिया अंचल कार्यालय में रिश्वत लेने का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में अंचल के नाजिर अमित कुमार एक व्यक्ति से 5 हजार रुपये लेते नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि अंचल कार्यालय में किराये पर लगी स्कार्पियो गाड़ी के भुगतान के बदले नाजिर ने इस रकम की मांग की थी. वीडियो सामने आने के बाद अंचल कार्यालय में रिश्वतखोरी को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं.


दरअसल, दो दिन पहले ही इसी अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रधान लिपिक को निलंबित कर दिया गया था. अब उसी कार्यालय के नाजिर का कथित रिश्वत लेते वीडियो सामने आने से मामला फिर चर्चा में आ गया है.


वायरल वीडियो में क्या दिख रहा

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति अंचल कार्यालय में नाजिर अमित कुमार के पास बैठकर बातचीत करता दिखाई दे रहा है. इसके बाद वह व्यक्ति नाजिर को रुपये देता है. वीडियो में नाजिर रुपये गिनने के बाद उसे अपनी जेब में रखते हुए नजर आ रहे हैं.


दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी अंचल कार्यालय में किराये पर लगा रखी थी. इसी गाड़ी के भुगतान के बदले उससे 5 हजार रुपये मांगे गए थे. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और वीडियो में दिखाई दे रही रकम किस काम के बदले दी जा रही थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.


वीडियो में रिकॉर्डिंग को लेकर भी हुई बातचीत

वीडियो में नाजिर अमित कुमार मोबाइल से रिकॉर्डिंग किए जाने को लेकर सवाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं. सामने मौजूद व्यक्ति रिकॉर्डिंग से इनकार करता है, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है.


वीडियो में लोगों के कपड़े देखकर इसके पुराना होने की चर्चा भी हो रही है. ऐसे में वीडियो कब का है और इसमें दिखाई दे रही पूरी घटना किस परिस्थिति में हुई, यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा.


दो दिन पहले लिपिक पर हुई थी कार्रवाई

मझौलिया अंचल कार्यालय में रिश्वत से जुड़ा यह दूसरा मामला सामने आया है. इससे पहले प्रधान लिपिक रविभूषण प्रसाद श्रीवास्तव का रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ था. मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था.


अब नाजिर अमित कुमार का कथित रिश्वत लेते वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन के सामने इसकी जांच का मामला है. अगर जांच में वीडियो और लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.


फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है. अब जांच के बाद ही यह साफ होगा कि वीडियो कब का है, उसमें दिखाई दे रही रकम किस काम के बदले दी गई थी और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है.
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट