Bihar Flood : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री करीब 12:02 बजे हेलीकॉप्टर से बथना स्थित पीएम श्री राजकीय +2 उच्च विद्यालय परिसर पहुंचे। उनके पहुंचते ही अधिकारियों ने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित इलाकों और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान बिहार में गंडक और कोसी नदी के तटबंधों को पक्का करने को लेकर बड़ा ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों प्रमुख नदियों के तटबंधों के पक्कीकरण की दिशा में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। तटबंधों को मजबूत और स्थायी बनाने की इस पहल को हर साल बाढ़ की समस्या से जूझने वाले इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि तटबंधों की मजबूती बढ़ाई जाए, जिससे बाढ़ के दौरान कटाव और पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
पश्चिम चंपारण समेत उत्तर बिहार के कई इलाके हर साल गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से प्रभावित होते हैं। कई स्थानों पर तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने से कटाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में तटबंधों के पक्कीकरण की योजना से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सर्वे पूरा होने के बाद किन-किन तटबंधों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाएगा, इसका विस्तृत खाका सामने आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री के पश्चिम चंपारण दौरे को लेकर बथना से लेकर बनकटवा और शिवराजपुर तक प्रशासन और पुलिस की टीमों को अलर्ट रखा गया था। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई वरीय अधिकारी बथना पहुंच गए थे। पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बथना स्थित स्कूल परिसर में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित हेलीपैड का भी जायजा लिया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ आश्रय केंद्र से संबंधित तैयारियों को देखा। प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर इलाके में विशेष इंतजाम किए गए थे। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री को बथना के बाद मच्छरगांवा होते हुए बनकटवा जाना था। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उन्हें बनकटवा और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर स्थिति का जायजा लेना था। हालांकि, बाद में उनका आगे का दौरा स्थगित कर दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से वापस पटना के लिए रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर बथना, मच्छरगांवा, बनकटवा और शिवराजपुर क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां तेज थीं। पुलिस और प्रशासन की टीमें सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आवागमन और प्रस्तावित दौरे की व्यवस्थाओं को संभाल रही थीं। मुख्यमंत्री के लौटने के बाद अब प्रशासन की नजर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों और तटबंधों की स्थिति पर बनी हुई है।
गंडक और कोसी के तटबंधों के पक्कीकरण के लिए शुरू किए गए सर्वे को सरकार की दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि सर्वे के बाद संवेदनशील तटबंधों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जाता है, तो आने वाले समय में बाढ़ और कटाव से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।