Bihar Land Registration News: बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है. पहले चरण में राज्य के 15 निबंधन कार्यालयों में यह सुविधा शुरू की जाएगी. नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को जमीन रजिस्ट्री के लिए कागजी दस्तावेजों का बंडल लेकर कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा.
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी समाहर्ता-सह-जिला निबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. विभागीय तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और मुख्यालय से अंतिम आदेश मिलते ही नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
बेतिया के जिला अवर निबंधक गिरिश चंद्र ने बताया कि बिहार निबंधन नियमावली-2026 तथा बिहार स्टाम्प (सेवा प्रदाता की अनुज्ञप्ति एवं ई-स्टाम्प की आपूर्ति) नियमावली-2026 के तहत पेपरलेस निबंधन प्रणाली लागू की जा रही है. पश्चिम चंपारण जिला निबंधन कार्यालय भी इसके लिए पूरी तरह तैयार है.
नई व्यवस्था के तहत अधिवक्ता, दस्तावेज नवीनवीस, मुहर्रिर और डीड राइटरों को लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) देकर सेवा प्रदाता बनाया जाएगा. ये सेवा प्रदाता दस्तावेज तैयार करने, ऑनलाइन अपलोड करने, ई-सिग्नेचर, पक्षकारों और गवाहों के डिजिटल हस्ताक्षर, स्टाम्प शुल्क की गणना, स्लॉट बुकिंग और ई-स्टाम्प कोड जारी करने जैसी पूरी प्रक्रिया में लोगों की मदद करेंगे.
पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन रजिस्ट्री पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज होगी. पूरी प्रक्रिया बायोमेट्रिक सत्यापन, ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से पूरी की जाएगी. रजिस्ट्री पूर्ण होने के तुरंत बाद दस्तावेज की डिजिटल कॉपी उपलब्ध करा दी जाएगी.
इस नई प्रणाली से रजिस्ट्री में लगने वाला समय कम होगा, कागजी दस्तावेजों के गुम होने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या खत्म होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी.
जिला अवर निबंधक गिरिश चंद्र ने बताया कि सेवा प्रदाताओं को लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. मुख्यालय से अंतिम स्वीकृति मिलते ही सभी चयनित निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस डिजिटल रजिस्ट्री सेवा शुरू कर दी जाएगी.