Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का खुलासा हुआ है। बैरिया थाना क्षेत्र के भितहा पंचायत स्थित खुशी टोला में संचालित एक वृद्धाश्रम पर प्रशासन ने छापेमारी कर 15 बुजुर्गों को मुक्त कराया है। इन बुजुर्गों में कई महिलाएं भी शामिल हैं।


एसडीएम विकास कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान सामने आया कि आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ मारपीट की जाती थी। कई बुजुर्गों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। मुक्त कराए गए लोगों ने बताया कि उन्हें रात में सोने से पहले नशे का इंजेक्शन दिया जाता था, जिससे वे अचेत हो जाते थे। इसके बाद बाहर से ताला बंद कर दिया जाता था।


प्रशासन के अनुसार, इस वृद्धाश्रम का लाइसेंस 15 अप्रैल को ही समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद यह संचालित हो रहा था। छापेमारी के दौरान आश्रम के रजिस्टर में 80 बुजुर्गों के नाम दर्ज मिले, लेकिन मौके पर केवल 15 ही मौजूद थे। बाकी बुजुर्गों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।


जांच में यह भी सामने आया है कि यहां हर महीने नए बुजुर्गों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से लाया जाता था। इनमें महाराष्ट्र, पटना, जनकपुर, कोलकाता, गोरखपुर और देवरिया जैसे स्थान शामिल हैं। बुजुर्गों को पुनर्वास के नाम पर यहां लाकर रखा जाता था।


एक और गंभीर जानकारी यह सामने आई है कि करीब छह महीने पहले आश्रम में एक बुजुर्ग की पिटाई से मौत हो गई थी। बताया गया कि शव को बोरे में रखकर बाद में नहर किनारे दफना दिया गया था। इस मामले की भी जांच की जा रही है।


पुलिस ने इस मामले में आश्रम संचालक शिवम कुमार और कर्मचारी काजल कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य कर्मचारी फरार बताया जा रहा है। प्रशासन ने मानव तस्करी और अंग तस्करी की आशंका जताई है और इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी गई है।


एसडीएम ने बताया कि पूरे मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और विस्तृत जांच की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।