Bihar Flood : पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड में चंपारण तटबंध टूटने के बाद बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। गोलाघाट डुमरी के पास तटबंध टूटते ही पानी तेजी से आसपास के गांवों की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। अचानक बड़ी मात्रा में पानी गांवों में घुसने से ग्रामीणों के बीच हाहाकार मच गया है। लोग अपने घर, परिवार और मवेशियों को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं।
तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी भरपटिया, हरपुरवा, चमैनिया, भवानीपुर, नवका टोला, पिपरहिया, महावीरपुर, धनवतिया पिपरा, बगही बघम्मरपुर, कोहड़ा और जगदम्बापुर समेत आसपास के कई इलाकों में फैल गया है। कई जगहों पर घरों और ग्रामीण सड़कों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांवों में पानी का स्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों को अब सुरक्षित ठिकाने की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तटबंध टूटने के बाद पानी का बहाव काफी तेज है और इसका फैलाव लगातार बढ़ता जा रहा है। देखते ही देखते खेत, रास्ते और निचले इलाके पानी में डूब गए। जिन घरों में पानी घुस गया है, वहां रहने वाले लोग जरूरी सामान समेटकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। कई परिवार अपने छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों को लेकर सुरक्षित जगह की तलाश में जुटे हैं।
अचानक आई बाढ़ ने ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। जिन लोगों ने घरों में अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और दूसरे सामान रखे थे, उन्हें अब इनके सुरक्षित बचने की चिंता है। कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। वहीं, ग्रामीणों के सामने मवेशियों को सुरक्षित रखने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी का फैलाव अगर इसी रफ्तार से जारी रहा तो आसपास के और गांव भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। तटबंध टूटने के बाद स्थिति को लेकर लोगों में भय का माहौल है। गांवों में रहने वाले लोग एक-दूसरे की मदद से सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। कई ग्रामीण पानी के बीच से जरूरी सामान लेकर निकलते दिखाई दे रहे हैं।
बाढ़ के कारण ग्रामीण इलाकों में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। पानी भरने से कई रास्तों पर लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की है। पानी तेजी से फैलने के कारण लोग किसी भी तरह अपने परिवार को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में बचाव दल और नावों की व्यवस्था जल्द की जाए, ताकि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पीने का पानी, दवा और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
चंपारण तटबंध टूटने के बाद योगापट्टी के कई गांवों में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पानी के बढ़ते फैलाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था पर टिकी है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते मदद पहुंचाई जाएगी और बाढ़ के बीच फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।