Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में वर्षों से बंद पड़ी चनपटिया चीनी मिल को लेकर एक बार फिर उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। राज्य सरकार अब इस बंद मिल को दोबारा चालू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से जारी संकेतों के बाद इलाके के किसानों, मजदूरों और युवाओं में नई उम्मीद जगी है कि जल्द ही यहां रोजगार और उद्योग दोनों को नई रफ्तार मिल सकती है।
बताया जा रहा है कि बिहार सरकार ने राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना को लेकर नीति स्तर पर काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में चनपटिया चीनी मिल को भी दोबारा चालू करने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार की ओर से मुख्य सचिव स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की निगरानी कर रही है।
गन्ना उद्योग विभाग के सहायक ईंख आयुक्त वेदव्रत कुमार ने बताया कि “सात निश्चय-3” योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार का फैसला लिया गया है। इसके लिए संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। सहकारिता विभाग को भी इस दिशा में जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि चनपटिया चीनी मिल कभी इलाके की पहचान मानी जाती थी। यह मिल ब्रिटिश इंडिया कॉरपोरेशन समूह से जुड़ी रही है और वर्ष 1994-95 से बंद पड़ी है। मिल बंद होने के बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे, जबकि गन्ना किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। वर्षों से स्थानीय लोग और किसान लगातार मिल को फिर से शुरू करने की मांग करते रहे हैं।
हालांकि मिल से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित बताया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने पुनरुद्धार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी निवेशक या उद्योग समूह यहां चीनी मिल या गन्ना आधारित उद्योग स्थापित करना चाहता है, तो सरकार हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
इस खबर के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में उत्साह का माहौल है। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर मिल दोबारा शुरू होती है तो गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
बताया जा रहा है कि चनपटिया के विधायक अभिषेक रंजन ने भी इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाया था और बंद चीनी मिल को लेकर जानकारी मांगी थी। इसके बाद विभाग की ओर से यह जानकारी साझा की गई है।