Bihar News: पश्चिम चंपारण में भारतमाला परियोजना और नई रेल लाइन के लिए जमीन देने वाले रैयतों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जिन भू-स्वामियों का मुआवजा किसी कारण से अब तक अटका हुआ था, उनके लिए जिला प्रशासन अब विशेष कैंप लगाने जा रहा है। यह कैंप 25 मई से शुरू होकर 1 जून तक अलग-अलग अंचलों में आयोजित किए जाएंगे।


दरअसल, भारतमाला परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग और नई रेल लाइन के निर्माण के लिए बड़ी संख्या में किसानों और रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। लेकिन कई लोगों का मुआवजा जरूरी दस्तावेज जमा नहीं होने की वजह से लंबित रह गया था। अब जिला प्रशासन ऐसे सभी मामलों को जल्द निपटाने की तैयारी में जुट गया है।


जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि यह विशेष कैंप खास तौर पर उन लोगों के लिए लगाए जा रहे हैं, जिन्होंने पहले आयोजित शिविरों में अपने जमीन से जुड़े कागजात जमा नहीं किए थे। इसी वजह से उनका भुगतान अटका हुआ था।


मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने नौतन, बैरिया, चनपटिया, ठकराहां और पिपरासी अंचल के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि गांव-गांव जाकर लोगों को इसकी जानकारी दी जाए, ताकि कोई भी प्रभावित व्यक्ति जानकारी के अभाव में छूट न जाए।


इसके लिए ढोल-नगाड़े, माइक और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारियों को भी पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा गया है।


एनएच-139W परियोजना के लिए कैंप शेड्यूल


एनएच-727AA और एनएच-730 परियोजना के लिए कैंप


छितौनी-तमकुही रोड नई रेल लाइन परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए 1 जून को पिपरासी अंचल कार्यालय परिसर में विशेष कैंप लगाया जाएगा। यहां डुमरी और सेमरा लबेदाहा के रैयत अपने कागजात जमा कर सकेंगे।