Bihar News: बिहार के बेतिया जिले के सहोदरा थाना क्षेत्र के सुपौली गांव में एक महिला सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका की पहचान पटना जिला बल में तैनात संकेशी कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है, जबकि परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है।


मृतका के बड़े भाई दिनेश कुमार के अनुसार, संकेशी कुमारी ने 7 मार्च 2025 को परिवार की सहमति से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह अपने ससुराल में रह रही थीं और सामान्य जीवन जी रही थीं। 21 अप्रैल 2026 को वह अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल होने मायके आई थीं, जहां घर में खुशियों का माहौल था।


परिजनों का कहना है कि शादी के अगले दिन सुबह करीब 7 बजे संकेशी का पति सुजीत कुमार अचानक वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए उसे अपने साथ ससुराल ले गया। इस घटना से परिवार के लोग पहले ही चिंतित हो गए थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों में इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी।


बताया जाता है कि उसी दिन शाम करीब 7 बजे परिजनों को सूचना मिली कि संकेशी कुमारी ने आत्महत्या कर ली है। यह खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और सभी लोग तुरंत सुपौली स्थित ससुराल पहुंच गए।


जब मायके पक्ष के लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने जो दृश्य देखा, उसने उनके होश उड़ा दिए। संकेशी का शव जमीन पर पड़ा हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शव पर गला दबाने के स्पष्ट निशान थे, जिससे उन्हें हत्या की आशंका और भी मजबूत हो गई। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष ने इस घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है।


परिवार ने यह भी बताया कि संकेशी कुमारी चार महीने की गर्भवती थीं और आने वाले बच्चे को लेकर बेहद उत्साहित थीं। ऐसे में उनके द्वारा आत्महत्या करने की बात परिजनों को बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं लग रही है। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। संकेशी के पति सुजीत कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।


पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जीएमसीएच में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। साथ ही, मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है।