Bihar News: बिहार के पश्चिम चंपारण में बेतिया राज की बहुमूल्य जमीन पर वर्षों से जमे अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। लंबे समय से सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए लोगों की पहचान कर ली गई है और अब बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो जिलेभर में करीब 1500 अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार कर ली गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई इलाकों में बुलडोजर अभियान शुरू की जाएगी।


बताया जा रहा है कि राजस्व परिषद की अपर सदस्य डॉ. आशिमा जैन द्वारा हाल ही में की गई समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सरकारी जमीन को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। समीक्षा के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। पश्चिम और पूर्वी चंपारण के अलग-अलग अंचलों में अतिक्रमण की जांच तेज कर दी गई है और कई जगहों पर जमीन की पैमाइश भी शुरू हो चुकी है।


प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि बेतिया शहर के कई प्रमुख इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया गया है। इनमें आईटीआई जयप्रकाश नगर, मीना बाजार, विश्वामित्र मार्केट, लाल बाजार और बेतिया राज कंपाउंड जैसे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में वर्षों से अस्थायी और स्थायी निर्माण कर लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रखा है। इसके अलावा नरकटियागंज, मझौलिया और चनपटिया जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई है।


सूत्रों के मुताबिक बेतिया राज प्रबंधन ने संबंधित अंचलाधिकारियों को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंप दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पहले चिन्हित कब्जाधारियों को नोटिस दिया जाए और तय समय के भीतर जमीन खाली नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन का कहना है कि जिन जमीनों पर अवैध कब्जा है, उन्हें खाली कराकर विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।