BETTIAH: बेतिया के बैरिया थाना क्षेत्र के लौकरिया मौजे में आठ माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा सीढ़ी से धक्का देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका की पहचान हजरा खातून के रूप में हुई है। वह पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिसवा मलदहिया वार्ड संख्या-3 निवासी मंसूर मियां की पुत्री थी।
मृतका के बहनोई असगर अली ने बताया कि हजरा खातून की शादी वर्ष 2025 में बैरिया थाना क्षेत्र के लौकरिया मौजे निवासी एजाज़ से हुई थी। शादी में अपने सामर्थ्य के अनुसार करीब साढ़े तीन लाख रुपये नकद, अंगूठी, सिकड़ी सहित अन्य सामान दहेज में दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से लगातार बाइक व अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर पति, सास, ननद तथा अन्य परिजनों द्वारा विवाहिता के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी।
परिजनों का आरोप है कि घटना के दिन आठ माह की गर्भवती हजरा किसी काम से छत पर गई थी। इसी दौरान ससुराल पक्ष के लोगों से विवाद हुआ और उसे सीढ़ी से धक्का दे दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। गिरने के बाद उसके मुंह से खून निकलने लगा। आरोप है कि ससुराल वालों ने उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन घटना की जानकारी मायके वालों को कई घंटे बाद दी।
सूचना मिलने पर परिजन अस्पताल पहुंचे और गंभीर हालत में विवाहिता को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने काफी प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने मामले में दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के आवेदन और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट