Bihar News: बेतिया के हॉस्पिटल रोड स्थित सवेरा अस्पताल एवं डायलिसिस सेंटर में डिलीवरी के लिए भर्ती 23 वर्षीय गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. महिला को ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था. मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. सूचना पर सदर एसडीपीओ अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालते हुए जांच शुरू कराई.
मृतका की पहचान नरकटियागंज वार्ड संख्या-4 निवासी उमेश चौधरी की पत्नी प्रतिमा कुमारी के रूप में हुई है. उनका मायका नौतन थाना क्षेत्र के पुरंदरा गांव में बताया गया है. परिजनों के अनुसार, प्रतिमा का इलाज डॉ. सुशील कुमार की देखरेख में चल रहा था.
परिजनों ने बताया कि वे सोमवार दोपहर करीब 12 बजे प्रतिमा को डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे. डॉक्टर की सलाह पर अल्ट्रासाउंड समेत कई जांच कराई गईं. इसके बाद ऑपरेशन कराने की बात कही गई और करीब 50 हजार रुपये खर्च बताया गया. परिजनों ने तत्काल 20 हजार रुपये जमा कर दिए और बाकी रकम ऑपरेशन के बाद देने की बात हुई.
मृतका के पति और मां का आरोप है कि प्रतिमा को ऑपरेशन के लिए अंदर ले जाने के बाद उन्हें उसकी स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई. काफी देर बाद डॉक्टर बाहर आए और मरीज की हालत गंभीर बताते हुए उसे एंबुलेंस से गोरखपुर ले जाने की बात कही. परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने प्रतिमा से मिलने की मांग की तो उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. बाद में उन्हें पता चला कि प्रतिमा की मौत हो चुकी है.
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने काफी देर तक मौत की जानकारी उनसे छिपाई. उनका यह भी आरोप है कि घटना के बाद डॉक्टर और अस्पताल के कुछ कर्मचारी वहां से चले गए. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया.
हंगामे की सूचना पर सदर एसडीपीओ अजीत कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि जांच और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.