Bihar News: पॉक्सो एक्ट के एक मामले में बेतिया कोर्ट द्वारा जारी गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) की तामिला नहीं कराने पर बलथर थानाध्यक्ष न्यायालय की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने मामले को गंभीर मानते हुए थानाध्यक्ष को नोटिस जारी किया है और 27 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।



मामला बलथर थाना कांड संख्या 44/2025 से संबंधित है। न्यायालय ने इससे पहले पत्र संख्या 199/2026 (16 अप्रैल 2026) तथा 344/2026 (12 जून 2026) के माध्यम से दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 82 के तहत की गई कार्रवाई एवं गैरजमानती वारंट की तामिला संबंधी प्रतिवेदन मांगा था। बावजूद इसके निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी संबंधित प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।



विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि मामला पॉक्सो अधिनियम से जुड़ा है, जिसमें एक अभियुक्त न्यायिक हिरासत में है। साथ ही पटना उच्च न्यायालय ने इस मामले के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया है। ऐसे में न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं करना तथा समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।



न्यायालय ने आदेश दिया है कि बलथर थानाध्यक्ष 27 जुलाई को न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि वे निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते हैं अथवा उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



इस संबंध में पूछे जाने पर बलथर थानाध्यक्ष ने बताया कि गैरजमानती वारंट की तामिला के लिए दस्तावेज बगहा भेजा गया था। इसकी सूचना उन्हें विलंब से मिली, तब तक माननीय न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि वे निर्धारित समय पर न्यायालय में उपस्थित होकर नोटिस का जवाब प्रस्तुत करेंगे।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट..