Bihar News: बेतिया नगर निगम में सोमवार को छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर विवाद खुलकर सामने आ गया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया के खिलाफ दो दर्जन से अधिक पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा। तैयारियों में लापरवाही और विभिन्न मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और नगर निगम परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
धरना दे रहे पार्षदों का आरोप था कि छठ और दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्वों को लेकर नगर निगम की ओर से अपेक्षित तैयारियां नहीं की गई हैं। पार्षदों ने अपनी मांगों को लेकर महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर निगम परिसर में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूचना मिलने पर एसडीएम और एसडीपीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन पार्षदों का विरोध जारी रहा। इसके बाद पुलिस धरना दे रहे पार्षदों को पुलिस वाहन में बैठाकर नगर थाना ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भी नगर निगम परिसर में हंगामे का माहौल बना रहा।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि सोमवार को नगर निगम बोर्ड की महत्वपूर्ण विशेष बैठक बुलाई गई थी। बैठक की शुरुआत में कार्यवाही सुचारू रूप से चली और करीब सवा घंटे तक विभिन्न एजेंडों पर चर्चा हुई। लेकिन इसी बीच नगर पार्षद एक-एक कर अपनी बातों और व्यक्तिगत कारणों से बैठक से बाहर निकलने लगे।
महापौर के अनुसार, सदन में उपस्थित पार्षदों की संख्या घटने के कारण आवश्यक कोरम पूरा नहीं रह गया। ऐसी स्थिति में वैधानिक प्रावधानों के तहत बैठक की कार्यवाही आगे जारी रखना संभव नहीं था। इसलिए विवश होकर बैठक समाप्त करनी पड़ी।
इस प्रकार छठ और दीपावली की तैयारियों को लेकर पार्षदों का विरोध और बोर्ड की बैठक में कोरम का अभाव सोमवार को नगर निगम की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। वहीं, पार्षदों की मांगों और उनके विरोध के बीच नगर निगम की पर्व संबंधी तैयारियों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट..