WEST CHAMPARAN: बेतिया: बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) की एक तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक मां अपनी 11 वर्षीय बेटी को गोद में उठाकर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचती दिखाई दे रही है। तस्वीर सामने आने के बाद यह चर्चा होने लगी कि अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को अपनी बच्ची को गोद में लेकर जाना पड़ा। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने इस दावे का खंडन करते हुए पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। वही बच्ची की मां का भी बयान सामने आया है।


अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, बच्ची की हालत उस समय काफी गंभीर थी और वह अचेत अवस्था में थी। बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसकी मां घबराहट में उसे गोद में उठाकर शिशु रोग विभाग के आपातकालीन कक्ष में चिकित्सक के पास पहुंच गई।


अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण, बेतिया को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 18 अगस्त 2026 को करीब 11 वर्षीय शाहिना खातून, पिता नजीर अंसारी, ग्राम महना, पोस्ट-थाना चनपटिया, जिला पश्चिम चंपारण, पंजीयन संख्या 1928 के माध्यम से शिशु रोग विभाग में भर्ती हुई थी।


गंभीर हालत में बच्ची को गोद में लेकर पहुंची मां

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जब बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया, तब उसकी स्थिति काफी गंभीर थी और वह अचेत अवस्था में थी। बच्ची की हालत देखकर उसकी मां घबरा गई और आनन-फानन में उसे गोद में उठाकर अस्पताल ब्लॉक-सी के प्रथम तल स्थित शिशु रोग विभाग के आपातकालीन कक्ष में पहुंची।


अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्ची का शिशु रोग विभाग में इलाज चल रहा है और अब उसकी स्थिति पहले की अपेक्षा काफी बेहतर है। फिलहाल उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।


वहीं, अस्पताल की ओर से महिला से वायरल वीडियो और तस्वीर के संबंध में पूछताछ की गई। महिला ने बताया कि उसकी बेटी की हालत काफी गंभीर थी, इसलिए वह खुद बच्ची को गोद में लेकर डॉक्टर के पास पहुंची थी। उसने अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने की कोई शिकायत नहीं की।


अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोप को नकारा

GMCH के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी तरह की लापरवाही या उदासीनता नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को उपलब्ध सुविधाएं मुहैया कराने के लिए लगातार सजग और तत्पर रहता है।


उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में मानव बल की काफी कमी है, इसके बावजूद उपलब्ध सभी संसाधनों और सुविधाओं का लाभ प्रत्येक मरीज तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने वायरल तस्वीर और वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।