Bihar Police: बेतिया जिले के बगहा पुलिस अधीक्षक रामानंद कुमार कौशल के एक अचानक निरीक्षण ने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी. पठखौली थाना पहुंचते ही एसपी ने लंबित और गंभीर मामलों की फाइलें खुलवाईं, जिसके बाद लापरवाही की परतें सामने आने लगीं. समीक्षा के दौरान मिली गंभीर खामियों पर एसपी ने बिना देर किए बड़ा एक्शन लेते हुए दो दारोगाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. वहीं थानाध्यक्ष को भी कड़ी चेतावनी देते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए.


जानकारी के अनुसार सोमवार शाम एसपी रामानंद कुमार कौशल पठखौली थाना पहुंचे थे, जहां उन्होंने हत्या, लूट, मारपीट और अन्य गंभीर मामलों की एक-एक कर समीक्षा की. इस दौरान कई मामलों में जांच की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई, जबकि कुछ मामलों में लंबे समय से कोई ठोस कार्रवाई ही नहीं की गई थी.


समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि दारोगा राजीव साफी और आभा कुमारी को सौंपे गए कई महत्वपूर्ण मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई थी. कई केस महीनों से लंबित पड़े थे और अनुसंधान में गंभीर लापरवाही बरती गई थी. इस पर नाराज एसपी ने दोनों अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दे दिया.


इतना ही नहीं, थाना स्तर पर मामलों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने पर एसपी ने थानाध्यक्ष को भी जमकर फटकार लगाई. उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों की समय-समय पर समीक्षा नहीं होना गंभीर प्रशासनिक चूक है. यदि समय रहते निगरानी होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती.


बैठक में मौजूद सभी अनुसंधानकर्ताओं को एसपी ने सख्त निर्देश दिया कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए. उन्होंने कहा कि जांच की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर हर केस को आगे बढ़ाना होगा. पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.


एसपी रामानंद कुमार कौशल ने दो टूक कहा कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता या ढिलाई अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों के निष्पादन को लेकर लगातार समीक्षा अभियान चलाया जा रहा है. जो अधिकारी या कर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी.