Bagaha News: बगहा व्यवहार न्यायालय ने दहेज प्रताड़ना और विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति, सास और ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्रा की अदालत ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रामनगर थाना कांड संख्या 28/2017 और सत्रवाद संख्या 290/2017 में फैसला सुनाया.


अदालत ने पति रंजीत चौधरी को धारा 306 के तहत 10 वर्ष की कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा दी है. वहीं धारा 498ए के तहत उसे तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया है.


सास दयमंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद को भी अदालत ने दोषी करार दिया है. दोनों को धारा 306 के तहत तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई. इसके अलावा धारा 498ए के तहत दोनों को तीन-तीन वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है. अर्थदंड की राशि नहीं चुकाने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.


2002 में हुई थी रीना देवी की शादी

अभियोजन के अनुसार, रीना देवी की शादी वर्ष 2002 में रंजीत चौधरी के साथ हुई थी. आरोप था कि शादी के कुछ वर्षों बाद से ही रीना देवी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा.


19 जनवरी 2017 को रीना देवी के मायके वालों को सूचना मिली कि आग में जलने से उनकी मौत हो गई है. इसके बाद मृतका के पिता उपेन्द्र प्रसाद ने पति, सास और ससुर पर उनकी बेटी को जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए रामनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.


अभियोजन ने पेश किए 10 गवाह

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों की गवाही कराई गई. इसके साथ ही अदालत के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए. बचाव पक्ष की ओर से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया.


लोक अभियोजक जितेन्द्र भारती के अनुसार, अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पति, सास और ससुर को दोषी पाया.


तीनों को अलग-अलग धाराओं में मिली सजा

अदालत ने पति रंजीत चौधरी को धारा 306 के तहत 10 वर्ष की कठोर कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. वहीं धारा 498ए के तहत तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया.


सास दयमंती देवी और ससुर मथुरा प्रसाद को धारा 306 के तहत तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई. दोनों को धारा 498ए के तहत भी तीन-तीन वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया.