Bihar land dispute: बगहा के वाल्मीकिनगर में सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर थ्री-स्टार श्रेणी का रिसॉर्ट, रेस्तरां, स्विमिंग पूल और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं संचालित किए जाने के मामले में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बड़ा आदेश जारी किया है. मामले में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही बगहा-2 के अंचल अधिकारी वसीम अकरम के खिलाफ निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.


मामला वाल्मीकिनगर के पिपराकुट्टी स्थित सप्तशृंगार हॉलिडे होम/रिजॉर्ट से जुड़ा है. अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बगहा राजीव कुमार ने सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर अवैध अतिक्रमण के आरोपों की सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया है.


सरकारी जमीन पर रिसॉर्ट बनाने का आरोप

वाल्मीकिनगर निवासी दयासागर कुमार ने 20 अप्रैल 2026 को इस मामले में अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष परिवाद दायर किया था. परिवाद में आरोप लगाया गया था कि इंद्रजीत सिंह ने मौजा पिपरा स्थित खाता संख्या-25, खेसरा संख्या-1 और 6 कट्ठा 18 धुर सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर अतिक्रमण कर थ्री-स्टार श्रेणी का रिसॉर्ट, रेस्तरां, स्विमिंग पूल और अन्य व्यावसायिक सुविधाओं का निर्माण कर संचालन शुरू कर दिया.


मामले की सुनवाई के दौरान रिसॉर्ट के मालिक इंद्रजीत सिंह को कई बार नोटिस जारी कर जमीन के स्वामित्व, जमाबंदी, भूमि परिवर्तन, निर्माण की अनुमति और अन्य वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया.


जमीन की खरीद-बिक्री पर भी उठे सवाल

आदेश में कहा गया है कि इंद्रजीत सिंह ने मौजा पिपरा स्थित 6 कट्ठा 18 धुर जमीन को बैनामा के माध्यम से खरीदने का दावा किया है. हालांकि, सरकारी गैरमजरूआ जमीन की खरीद-बिक्री वैध नहीं मानी जाती है. आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि ऐसी जमीन किसी व्यक्ति को बंदोबस्त के तहत दी गई हो, तब भी उसका हस्तांतरण वैध नहीं माना जा सकता.


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति से इंद्रजीत सिंह ने जमीन खरीदने का दावा किया, उसके नाम भी वैध जमाबंदी कायम नहीं थी. इंद्रजीत सिंह की ओर से जमाबंदी संख्या-177 का हवाला दिया गया, लेकिन पंजी-2 के निरीक्षण में जमाबंदी कायम होने का आधार, सक्षम प्राधिकारी का आदेश, आदेश की तिथि और अन्य जरूरी विवरण दर्ज नहीं पाए गए.


इसके अलावा, उक्त जमाबंदी में खाता और खेसरा संख्या का भी उल्लेख नहीं था. ऐसे में जमाबंदी संख्या-177 को सरकारी जमीन की वैध जमाबंदी नहीं माना गया.


अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का आदेश

अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने राजस्व अभिलेखों, विभागीय रिपोर्ट, ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म और दोनों पक्षों की दलीलों की समीक्षा के बाद सरकारी गैरमजरूआ जमीन पर रिसॉर्ट के निर्माण और संचालन से जुड़े आरोपों को गंभीर माना.


आदेश में संबंधित सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने और मामले में तत्काल कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है.


मामले में बगहा-2 के अंचल अधिकारी वसीम अकरम की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. आदेश में सरकारी भूमि के संरक्षण में बाधा पहुंचाने तथा अतिक्रमणकारी के साथ उनकी प्रथम दृष्टया संलिप्तता और सहभागिता का उल्लेख किया गया है.


इसी आधार पर अंचल अधिकारी वसीम अकरम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा जिला पदाधिकारी, बेतिया तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार से की गई है.