NAWADA: नवादा मंडल कारा में एक 20 साल के कैदी की बुधवार को संदिग्ध मौत हो गयी थी। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद को मृत घोषित कर दिया था। फर्स्ट बिहार पर खबर प्रसारित होने के बाद अगले दिन गुरुवार को नवादा मंडल कारा के कक्षपाल नीतीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जेल कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
काराधीक्षक ब्रृजेश सिंह मेहता ने विचाराधीन कैदी 20 वर्षीय घनश्याम कुमार उर्फ दुलारचंद की मौत में लापरवाही पाये जाने पर कक्षपाल को सस्पेंड कर दिया। इससे पूर्व इस मामले में काराधीक्षक ने कक्षपाल नीतीश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। काराधीक्षक ने फांसी लगाए जाने की घटना की स्थलीय और तकनीकी जांच की। जिसमें कक्षपाल की लापरवाही सामने आने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गयी। बताया जा रहा है कि इस मामले में मंडल कारा के अन्य कर्मियों को भी शोकॉज किया जा रहा है।
बता दें कि बुधवार को मंडल कारा में कैदी घनश्याम कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने जांच शुरू की थी।
काराधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि घटना के बाद कक्षपाल नीतीश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके साथ ही कथित फांसी की घटना को लेकर स्थलीय एवं तकनीकी जांच कराई गई। जांच में ड्यूटी के दौरान कक्षपाल की लापरवाही सामने आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, मामले में मंडल कारा के अन्य कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी, उन्हें भी कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया जाएगा। फिलहाल कैदी की मौत के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।