Bihar Police Action: बिहार के नवादा जिले में अवैध बालू खनन और पुलिसकर्मी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने नारदीगंज थानाध्यक्ष आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष पर मुख्यालय से मिले निर्देशों का पालन नहीं करने, अवैध खनन रोकने में लापरवाही बरतने और आसूचना संकलन में विफल रहने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष की अवैध बालू खनन में संभावित संलिप्तता की जांच के भी आदेश दिए हैं। इस संबंध में नवादा सदर एसडीपीओ-02 को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। वहीं नारदीगंज थाना का प्रभार फिलहाल अपर थानाध्यक्ष एसआई अभिषेक कुमार को सौंप दिया गया है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने गुरुवार शाम नवादा एसपी के साथ नारदीगंज थाना और घटनास्थल का निरीक्षण किया था। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने थाने में काफी देर तक बैठक कर पूरे मामले की गहन समीक्षा की और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
दरअसल यह पूरा मामला नारदीगंज थाना के एएसआई नागेंद्र कुमार पर हुए जानलेवा हमले से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार एएसआई नागेंद्र कुमार बुधवार शाम अवैध बालू खनन की सूचना मिलने पर मधुवन इलाके की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कैशौरिया-पथरा मार्ग के समीप ट्रैक्टरों की जांच और रोकने की कोशिश की गई। आरोप है कि इसी दौरान बालू माफियाओं से जुड़े एक ट्रैक्टर चालक ने एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद घायल एएसआई को बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस हमले के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले में नारदीगंज थाने में 14 मई को कांड संख्या 158/26 दर्ज किया गया, जिसमें कुल 59 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 28 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें 19 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल हैं। शुक्रवार को इनमें से 27 आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि एक आरोपी की तबीयत खराब होने के कारण उसका इलाज कराया जा रहा है।