Bihar news : बिहार के नवादा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के धमौल थाना क्षेत्र अंतर्गत धरहरा गांव में एक पिता ने अपनी ही शादीशुदा बेटी की हत्या कर दी। आरोप है कि बेटी के चरित्र को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके बाद पिता ने गुस्से और कथित सामाजिक बदनामी के डर में यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान नंदिनी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को परिवार के भीतर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पिता ने बेटी का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद मामले को छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को बोरे में बंद किया गया और उसे कौड़िहारी नदी में फेंक दिया गया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने नदी के पास संदिग्ध परिस्थिति में बोरा देखा। सूचना मिलते ही धमौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जब बोरे को खोला गया तो उसमें महिला का शव बरामद हुआ। शव की पहचान होते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिजनों पर शक गहराने लगा।
पुलिस ने जब परिवार के सदस्यों से सख्ती से पूछताछ की तो मामला पूरी तरह खुल गया। पूछताछ में आरोपी पिता ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि बेटी के चाल-चलन को लेकर वह काफी परेशान था और इसे परिवार की इज्जत से जोड़कर देख रहा था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता के साथ मृतका की मां और भाई को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आशंका है कि हत्या और शव को ठिकाने लगाने में परिवार के अन्य सदस्यों की भी भूमिका हो सकती है। फिलहाल तीनों से पूछताछ की जा रही है।
धमौल थाना की टीम ने नदी से शव बरामद कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मृतका के गले पर दबाव और चोट के निशान मिले हैं, जिससे गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में मातम और डर का माहौल है। लोग इस बात से हैरान हैं कि जिस पिता ने बेटी को बचपन से पाला, उसी ने उसकी जान ले ली। सामाजिक प्रतिष्ठा और कथित इज्जत के नाम पर हुई इस वारदात ने एक बार फिर समाज में मौजूद संकीर्ण सोच और ऑनर किलिंग जैसी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।