BIHAR NEWS : बिहार के नवादा जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर बालू माफिया ने हमला कर दिया। हिसुआ थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान अपराधियों ने टीम पर गोलीबारी की और पुलिस को जान से मारने की धमकी दी। हालांकि इस हमले में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ, लेकिन पकड़ा गया चालक ट्रैक्टर समेत फरार होने में सफल रहा। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।


जानकारी के अनुसार, हिसुआ और गया जिले की सीमा पर स्थित लटावर गांव के पास ढाढर नदी में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायत मिल रही थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी थी, जिसके बाद खनिज विकास पदाधिकारी और हिसुआ थाना प्रभारी मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीम शुक्रवार देर रात छापेमारी के लिए पहुंची।


टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि ढाढर नदी में तीन ट्रैक्टरों पर अवैध रूप से बालू लोड किया जा रहा था। पुलिस को देखते ही चालक ट्रैक्टर लेकर भागने लगे। इस दौरान दो ट्रैक्टर मौके से फरार हो गए, जबकि एक ट्रैक्टर नदी में अधिक बालू लदा होने के कारण फंस गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ट्रैक्टर चालक हर्षित राज उर्फ मदन गोपाल को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि वह गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के बैकटपुर गांव का रहने वाला है।


इसी बीच घटनास्थल पर हर्षित का भाई राजगोपाल पिस्टल लेकर पहुंच गया। आरोप है कि उसने पुलिस और खनन विभाग की टीम पर एक राउंड फायरिंग कर दी। गोली चलने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राजगोपाल ने टीम को दोबारा गोली मारने की धमकी भी दी। अचानक हुए इस हमले से टीम के सदस्य घबरा गए और सुरक्षा के अभाव में उन्हें पीछे हटना पड़ा।


पुलिस के पीछे हटते ही पकड़ा गया चालक हर्षित राज अपने भाई के साथ ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना ने एक बार फिर नवादा जिले में सक्रिय बालू माफियाओं के बढ़ते मनोबल और प्रशासनिक चुनौती को उजागर कर दिया है।


घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा। इसके बाद अतरी थाना पुलिस की सहायता से दरियापुर गांव में दोबारा छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने दो ट्रैक्टर जब्त किए। हालांकि मुख्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि हिसुआ और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध बालू खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। रात के अंधेरे में नदियों से बड़े पैमाने पर बालू निकाला जाता है और प्रशासन को चुनौती दी जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।


इस घटना के बाद खनन विभाग की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बिना पर्याप्त सुरक्षा बल के टीम को संवेदनशील इलाके में भेजना प्रशासन की बड़ी चूक माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।