BIHAR NEWS : नालंदा जिले के राजगीर में रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। छबीलापुर थाना क्षेत्र स्थित केके मेडिकल कॉलेज के पास तेज रफ्तार हाइवा और टेंपो की आमने-सामने हुई टक्कर में टेंपो सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री राजगीर में आयोजित मलमास मेले का दर्शन और भ्रमण कर अपने गांव फहर लौट रहे थे। इसी दौरान छबीलापुर रोड पर केके मेडिकल कॉलेज के समीप तेज गति से आ रहे हाइवा ने टेंपो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग सड़क पर जा गिरे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया तथा पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही छबीलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं पांच अन्य घायलों का इलाज जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घटना की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ जमा हो गई। रोते-बिलखते परिजनों का हाल देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। बताया जा रहा है कि सभी लोग धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे और खुशहाल माहौल में घर वापस जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में हाइवा की तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।
राजगीर और आसपास के इलाकों में इस हादसे की चर्चा पूरे दिन होती रही। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित सड़कों पर यातायात नियंत्रण और भारी वाहनों की रफ्तार पर सख्ती से निगरानी रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।