NALANDA: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार रविवार को हरनौत प्रखंड के माधोपुर-सबनहुआ गांव पहुंचे, जहां उन्होंने अपने रिश्तेदारों से मुलाकात की। करीब 40 वर्षों बाद गांव पहुंचे नीतीश कुमार का परिजनों और ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनके आगमन से पूरे गांव में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।


गांव पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने सबसे पहले अपने दिवंगत मौसा स्वर्गीय रामानंद सिंह और मौसी स्वर्गीय देव लगन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सुबह में जैसे ही उनका काफिला गांव पहुंचा, लोगों ने "नीतीश कुमार जिंदाबाद" के नारे लगाकर उनका स्वागत किया। नीतीश कुमार ने भी अपने चिर-परिचित अंदाज में वाहन से हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।


नीतीश कुमार के मौसेरे भाई रामजी प्रसाद ने बताया कि यह पूरी तरह पारिवारिक और शिष्टाचार मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार लंबे समय बाद परिवार के लोगों से मिलने और उनका हालचाल जानने के लिए गांव आए थे। इस दौरान उन्होंने कुछ समय परिजनों के साथ बिताया और अपने मौसा-मौसी की स्मृतियों को भी याद किया।


बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही गांव में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। ग्रामीणों में अपने बीच नीतीश कुमार को देखकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें आवेदन भी सौंपे।


नीतीश कुमार के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। गांव से लेकर कल्याण विभाग रोड तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परिजनों और ग्रामीणों से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार का काफिला पटना के लिए रवाना हो गया। उनका यह दौरा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।