ब्रेकिंग न्यूज़

नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने से JDU में भारी असंतोष, पार्टी के बड़े नेता ने साजिश की जताई आशंका; कहा- मुख्यमंत्री को शेल्टर में भेज दिया गया नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने से JDU में भारी असंतोष, पार्टी के बड़े नेता ने साजिश की जताई आशंका; कहा- मुख्यमंत्री को शेल्टर में भेज दिया गया सहरसा: 25 हजार के इनामी कुख्यात 'बजरंगी' गिरफ्तार, देसी कट्टा और कारतूस बरामद JDU विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पड़ी भारी, थाने पहुंचा मामला बेगूसराय में होमगार्ड अभ्यर्थियों के हंगामे पर FIR दर्ज, दो गिरफ्तार, 150 से ज्यादा पर केस दर्ज ‘इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण! बीजेपी ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया’, नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने पर अखिलेश यादव का तीखा हमला ‘इतिहास का सबसे बड़ा अपहरण! बीजेपी ने फिरौती में पूरा बिहार मांग लिया’, नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजे जाने पर अखिलेश यादव का तीखा हमला सरकारी स्कूल में अश्लील डांस का वीडियो वायरल, हेडमास्टर सस्पेंड, 2 शिक्षकों को बर्खास्त करने का आदेश नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजकर BJP ने दिखाया अपना असली चेहरा: मुकेश सहनी नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजकर BJP ने दिखाया अपना असली चेहरा: मुकेश सहनी

नीतीश कुमार के फैसले से पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोगों में भारी नाराजगी, BJP को दे दी यह बड़ी चेतावनी

Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, लेकिन उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा में लोग नाराज हैं और बीजेपी को चेतावनी दे रहे हैं। पटना में जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन भी जारी है।

05-Mar-2026 02:36 PM

By FIRST BIHAR

Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद वह देश का राजनीति करेंगे। नीतीश कुमार के इस फैसले से जहां राज्य के लोग हैरान हैं तो वहीं उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा के लोग खासे नाराज हैं और बीजेपी को सख्त चेतावनी दे दी है।


दरअसल, बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। चुनाव परिणाम आने के बाद वह बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे। नीतीश कुमार के इस फैसले से राज्य के लोग हैरान हैं, लेकिन सबसे ज्यादा नाराजगी उनके पैतृक गांव कल्याण बिगहा में देखी जा रही है। 


ग्रामीणों का कहना है कि "मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेहतर नेता बिहार को नहीं मिला है। राज्यसभा जाने की खबर मिलते ही पूरे गांव में आक्रोश है। शराबबंदी खत्म होने और अपराध बढ़ने की संभावना है। यह भाजपा की साजिश है और आने वाले समय में आरजेडी को वोट करेंगे।


ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उनके बेटे निशांत का राजनीति में आना सही था, लेकिन नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजना गलत है। उनका मानना है कि यह कदम भाजपा के ऊपरी जाति के नेताओं की मंशा से लिया गया है, जो पिछड़े वर्गों को आगे नहीं देखना चाहते। नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद कल्याण बिगहा में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 


उधर, मुख्यमंत्री आवास के बाहर जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। कई कार्यकर्ता नीतीश कुमार के फैसले पर फूट-फूटकर रो रहे हैं, जबकि कुछ ने आत्मदाह की धमकी तक दे डाली है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से बिहार की सियासी परिस्थितियों में और बदलाव आ सकता है, और सहयोगी दलों के बीच असंतोष बढ़ सकता है।