Nalanda Mid-Day Meal News: बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय परासी में मंगलवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब 35 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने खाना खाने के बाद गले में तेज जलन और पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सभी बीमार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।



खाना खाते ही बच्चों को होने लगी परेशानी

पीड़ित छात्रा प्रीति कुमारी के मुताबिक, मंगलवार को बच्चों को मिड-डे मील में चावल और आलू-सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी। खाना खाते समय बच्चों को सब्जी का स्वाद कुछ अलग लगा। बच्चों ने बताया कि सब्जी में नमक की जगह डिटर्जेंट पाउडर यानी सर्फ जैसा स्वाद महसूस हुआ।


इसके बाद एक-एक कर बच्चों को गले में जलन और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। बीमार बच्चों में राखी कुमारी, वैष्णवी कुमारी, प्रीति कुमारी, शिवानी कुमारी, चांदनी कुमारी, आरूषी कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, सुहानी कुमारी, अनु कुमारी, सजनी कुमारी, गुलशन कुमार, सचिन कुमार, अजीत कुमार, कल्लू कुमार और वंदना कुमारी समेत अन्य छात्र शामिल हैं।



पहले डेंटल कॉलेज, फिर सदर अस्पताल रेफर

घटना के तुरंत बाद बीमार बच्चों को नजदीकी डेंटल कॉलेज, भागन बीघा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद स्थिति को देखते हुए बच्चों को बेहतर इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है।



मध्य विद्यालय परासी में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रशासन की ओर से मिड-डे मील के भोजन के नमूने की जांच कराने की तैयारी की जा रही है।



रसोइया ने गलती से सर्फ डाला

स्कूल के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में एनजीओ के माध्यम से मध्याह्न भोजन की आपूर्ति होती है। मंगलवार को मेन्यू के अनुसार बच्चों को चावल और सोयाबीन की सब्जी परोसी जा रही थी।



प्रधानाध्यापक के अनुसार, पहली पंगत के बाद दूसरी पंगत में बच्चे खाना खा रहे थे। इसी दौरान कक्षा एक में पढ़ने वाली रसोइया की नतनी ने अतिरिक्त नमक मांगा। आरोप है कि बच्ची की नानी, जो स्कूल में रसोइया हैं, ने कथित तौर पर भूलवश नमक की जगह सर्फ उठा लिया और थाली में डाल दिया।



खाना खाने के बाद करीब आठ से नौ बच्चों को सबसे पहले गले में तेज जलन और असहजता महसूस हुई। स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को गर्म पानी पिलाया और निजी वाहन की व्यवस्था कर उन्हें बिहारशरीफ अस्पताल पहुंचाया।



क्या बोले सिविल सर्जन?

नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने बताया कि फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति स्थिर है। उन्होंने कहा कि भोजन में नमक की जगह सर्फ परोसे जाने की बात सामने आई है। बच्चों के इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम लगी हुई है।



मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों का हाल जानने के लिए बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों से बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री ने चिकित्सकों को बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मंत्री श्रवण कुमार ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि सिविल सर्जन और डॉक्टरों की टीम पूरी मुस्तैदी से बच्चों की देखभाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों की स्थिति अब नियंत्रण में है।



दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

भोजन में सर्फ मिलाए जाने की बात सामने आने के बाद मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।



उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। उनकी सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।