BIHAR NEWS : बिहार के नालंदा जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। पावापुरी थाना क्षेत्र के शमवशरण मंदिर के समीप मजदूरों से भरी एक यात्री बस हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गई, जिससे बस में अचानक करंट फैल गया। हादसे में एक दंपती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है।


जानकारी के अनुसार बस में करीब 60 मजदूर सवार थे, जो ईंट-भट्ठे पर दिनभर काम करने के बाद अपने गांव घोसरावां लौट रहे थे। सभी मजदूर नरकटिया इलाके से बस के जरिए घर वापस जा रहे थे। रास्ते में शमवशरण मंदिर के पास पहुंचते ही एक बड़ी लापरवाही जानलेवा साबित हो गई।


बताया जा रहा है कि बस की छत पर एक साइकिल रखी गई थी। जैसे ही बस हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे से गुजरी, साइकिल 11 हजार वोल्ट के बिजली तार के संपर्क में आ गई। साइकिल के तार से छूते ही बिजली का करंट पूरी बस में फैल गया। देखते ही देखते बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई और यात्री अपनी जान बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। करंट की चपेट में आने से रुदल मांझी और उनकी पत्नी फूलो देवी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दोनों मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। पति-पत्नी की एक साथ मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया है।


इस हादसे में आठ अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान पुटूस कुमारी, रिंकू देवी, करु मांझी, संतोष मांझी, पवन मांझी, सरोज देवी, धर्मेंद्र मांझी और राजकुमार मांझी के रूप में हुई है। सभी को तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से बस से बाहर निकाला गया और इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल College एवं अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार घायलों में पांच लोगों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।


हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय ग्रामीणों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों की तत्परता से कई यात्रियों की जान बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सुरक्षित कराया।


पुलिस ने मृतक दंपती के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में बस की छत पर रखी साइकिल को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।


पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस की छत पर रखी साइकिल हाईटेंशन बिजली तार के संपर्क में आ गई थी, जिसके कारण बस में करंट फैल गया। उन्होंने कहा कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बसों की छत पर सामान लादने की प्रवृत्ति अक्सर देखने को मिलती है, लेकिन कई बार यही लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। वहीं मृतक दंपती के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे इलाके में इस हादसे को लेकर शोक का माहौल है।