ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR NEWS : पटना से बड़ा ऐलान! अब देश के किसी भी कोने से मदद मांग सकेंगे बिहार के प्रवासी मजदूर LPG supply rule : यदि आपके भी घर के पास पहुंच गई है PNG तो अब हर हाल में लेना होगा कनेक्शन, सरकार का सख्त आदेश, कहा —सिलेंडर होगा बंद PNG online apply : बिहार में PNG कनेक्शन लेना हुआ आसान, इस तरह ऑनलाइन करें अप्लाई; LPG पर नए नियम से उपभोक्ताओं में हलचल IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना Bihar school : बिहार के स्कूलों में अब हर सुबह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से होगी शुरुआत – जानें नए निर्देश और नियम बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी

Home / bihar / नल जल योजना में भारी गड़बड़ी, 1475 वार्ड में मुखिया व वार्ड सदस्य...

नल जल योजना में भारी गड़बड़ी, 1475 वार्ड में मुखिया व वार्ड सदस्य पर दर्ज होगा केस

09-Apr-2021 07:52 AM

PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट नल जल योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। राज्य में अब तक 1475 वार्ड में नल जल योजना में गड़बड़ी हुई है। इन सभी वार्ड के मुखिया और अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पंचायत राज मंत्री सम्राट चौधरी ने इस संबंध में कार्रवाई आदेश दिया है। मंत्री सम्राट चौधरी ने डीएम, डीपीआरओ और बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि जिस भी पंचायत से शिकायत आये, वहां के संबंधित मुखिया और वार्ड काउंसलर को नोटिस भेजने को कहा है। 

मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि अगर 15 दिन के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो फिर पंचायती राज विभाग कार्रवाई करेगा। जो मुखिया यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं देगा उनपर भी कार्रवाई तय है।

प्रमंडलीय आयुक्त या राज्य सरकार द्वारा पद से हटाए गए मुखिया या उप मुखिया अगर पंचायत चुनाव में नामांकन करते हैं तो उनका नामांकन पत्र अस्वीकृत कर दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। जिन मुखिया या उप मुखिया को शक्तियों के दुरुपयोग या दुराचार का दोषी पाए जाने के आरोप में हटाया गया और अपीलीय प्राधिकार या सक्षम न्यायालय द्वारा उस आदेश को स्थगित या रद्द नहीं किया वे मुखिया या उप मुखिया पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।