MUZAFFARPUR: देश के वरिष्ठ किसान-मजदूर नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की 77वीं पुण्यतिथि पर मुजफ्फरपुर के रेड क्रॉस सोसाइटी सभागार में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में किसान-मजदूर, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
दीप प्रज्वलन से हुआ उद्घाटन
समारोह का उद्घाटन देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी, भारत सरकार के जल शक्ति विभाग के राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद, बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के कैबिनेट मंत्री केदार गुप्ता, युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह, विधायक बेबी कुमारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक अनिल ठाकुर, उदय शंकर सिंह, रंगीश ठाकुर, भाजपा नेता विवेक कुमार, प्रोफेसर अरुण कुमार, कवि संजय पंकज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
मोदपुर नामकरण का आग्रह
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा, "स्वामी सहजानंद आदि गुरु शंकराचार्य परंपरा के संत थे, लेकिन समाज-राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में भी आहुति डाली। जंगलराज की समाप्ति के लिए स्वामी सहजानंद सरस्वती के वंशजों ने बड़ा संघर्ष किया। महिलाओं का सुहाग उजड़ा, घर तबाह हुए। जिस तरह इलाहाबाद प्रयागराज बना, उसी तरह मुजफ्फरपुर का असली नाम मोदफलपुर था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह है कि मुजफ्फरपुर का नाम मोदफलपुर किया जाए।"
बिहटा एयरपोर्ट और कृषि विवि के नामकरण की मांग
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा, "हम सहजानंद के वंशज हैं। जंगलराज से मुक्ति के संघर्ष में हमारे घर की कुर्बानी दी गई। केंद्र के जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी से आग्रह है कि PM नरेंद्र मोदी से बिहता एयरपोर्ट का नाम स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर और देश में कृषि विश्वविद्यालय उनके नाम पर बनाने का आग्रह करें। मोदी के नेतृत्व में भारत महाशक्ति बनने की ओर है।"रोहित कुमार सिंह ने कहा कि हमारे घर की औरतों के माँग का सिंदूर उजड़ा है बिहार से जंगलराज को ख़त्म करने में।
किसान-मजदूर के मसीहा थे सहजानंद
डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद बोले, "स्वामी सहजानंद स्वतंत्रता सेनानी, संत, लेखक और क्रांतिकारी थे। उनके रास्ते पर चलना चाहिए। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के कैबिनेट मंत्री केदार गुप्ता ने कहा, "राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अतुलनीय है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार किसान-मजदूर हित में काम कर रही है।"
सामाजिक न्याय के पुरोधा
RSS प्रचारक अनिल ठाकुर ने कहा, "UP की धरती पर अवतरित सहजानंद ने बिहार को किसान-मजदूर आंदोलन का केंद्र बनाया। वे सामाजिक न्याय के पुरोधा थे। जंगलराज की समाप्ति में उनके वंशजों ने बड़ी कुर्बानी दी।"
भारत रत्न की मांग
कार्यक्रम संयोजक रंगीश ठाकुर ने केंद्र सरकार से स्वामी सहजानंद सरस्वती को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा, "किसान-मजदूर के लिए उनका संघर्ष अमर है। देश उन्हें भूल नहीं सकता।"
मूर्ति और स्मृति को जीवंत रखने का संकल्प
विधायक बेबी कुमारी ने बोचहाँ में स्वामी सहजानंद की मूर्ति लगाने का प्रयास करने की बात कही। मेयर निर्मला साहू ने स्मृतियों को जीवित रखने का भरोसा दिया। भाजपा नेता विवेक कुमार ने उन्हें "गरीबों का मसीहा" कहा।
कार्यक्रम संचालन और स्वागत
कार्यक्रम का संचालन प्रो. अरुण कुमार ने किया, स्वागत भाषण उदय शंकर सिंह ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन कवि संजय पंकज ने किया।
हजारों लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में रवि शंकर कुशवाहा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. संजय पंकज, हरेराम मिश्रा, मनोज कुमार सिंह, देवांशु किशोर, रवि नंदन सिंह, अधिवक्ता अरविंद कुमार सिंह, केशव चौबे, इंजीनियर संजीव कुमार, अभिराम त्रिपाठी, शिवपाल यादव, पप्पू यादव, मयंक सिंह, नरोत्तम सिंह बागी, आदित्य चौबे, रितेश चौहान, रजनीकांत शुक्ला, सोनू मिश्रा, राजेंद्र पासवान सहित हजारों लोग उपस्थित रहे। समारोह के अंत में उपस्थित जनसमूह ने स्वामी सहजानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा की स्वामी सहजानंद सरस्वती ग़रीब के भगवान थे।