Bihar News : श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) के इमरजेंसी वार्ड में मंगलवार की शाम एक महिला मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों और उनके साथ पहुंचे लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की, स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी की और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि करीब दो घंटे तक इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित रहीं। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार, मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग चौरी निवासी मो. सोनू की 35 वर्षीय पत्नी शबनम खातून को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल से रेफर कर मंगलवार दोपहर SKMCH लाया गया था। चिकित्सकों ने परिजनों के अनुरोध पर तत्काल महिला को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। हालांकि लगातार प्रयास के बावजूद शाम करीब साढ़े छह बजे महिला की मौत हो गई।
मौत के बाद फैली अफवाह, बढ़ा विवाद
महिला की मौत के बाद अस्पताल में उस समय तनाव बढ़ गया जब शव को लेकर अफवाह फैल गई। बताया जा रहा है कि चिकित्सकों ने मौत की पुष्टि के बाद औपचारिक प्रक्रिया के तहत ईसीजी कराने की बात कही थी। इसी बीच कुछ लोगों ने यह अफवाह फैला दी कि अस्पताल प्रशासन शव को गायब करने की कोशिश कर रहा है।
अफवाह फैलते ही मृतका के परिजनों ने अपने परिचितों और ग्रामीणों को सूचना दे दी। थोड़ी ही देर में करीब 40 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए और इमरजेंसी वार्ड के बाहर और अंदर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई।
स्वास्थ्यकर्मियों से बदसलूकी, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
हंगामा कर रहे लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। कई मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ और इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ते देख कंट्रोल रूम के हेल्थ मैनेजर सचिन चंचल ने तत्काल SKMCH ओपी पुलिस को सूचना दी। इसके बाद अहियापुर थाना की पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया।
जूनियर डॉक्टर भी पहुंचे, बढ़ा तनाव
हंगामे की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से बड़ी संख्या में एमबीबीएस छात्र और जूनियर डॉक्टर भी इमरजेंसी वार्ड पहुंच गए। इससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को अस्पताल परिसर से हटाया गया। इसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए और इमरजेंसी सेवाएं फिर से शुरू कराई गईं।
मुआवजे की मांग को लेकर विरोध
मृतका के परिजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही हुई है और उन्होंने मुआवजे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक रूप से इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को कानूनी प्रक्रिया अपनाने और अपनी शिकायत लिखित रूप में देने की सलाह दी।
पोस्टमार्टम कराने से परिजनों का इनकार
SKMCH ओपी के एएसआई दीपक कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल में बिगड़ रही विधि-व्यवस्था को नियंत्रित किया। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों और मृतका के परिजनों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी, जिसे समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
पुलिस ने परिजनों को शव का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी ताकि मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सके, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया।
अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी वार्ड के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने का दावा किया है। वहीं पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हंगामा और तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। फिलहाल अस्पताल में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।