Bihar Hospital News: मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के नवनिर्मित आईसीयू में मरीज की मौत के बाद शनिवार देर रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. इसी दौरान अस्पताल के एमसीएच में भी एक मरीज की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए. दोनों जगह करीब दो घंटे तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही.


आईसीयू में भर्ती 27 वर्षीय राजेश रौशन की मौत

मृतक की पहचान अहियापुर थाना क्षेत्र के बखरी गांव निवासी प्रमोद सिंह के 27 वर्षीय पुत्र राजेश रौशन के रूप में हुई है. बताया गया कि राजेश सांस की बीमारी से पीड़ित था और उसे इलाज के लिए एसकेएमसीएच लाया गया था. डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया था.


परिजनों का आरोप है कि अचानक राजेश की तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर अपने केबिन या वार्ड में मौजूद नहीं मिले. परिजनों ने वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ से डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा.


राजेश के स्वजन का आरोप है कि डॉक्टर को बुलाने की बात कहने पर वहां मौजूद नर्स ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें ही फटकार दिया. परिजनों के मुताबिक, इसके कुछ ही देर बाद मरीज की मौत हो गई.


परिजनों का कहना है कि मरीज की मौत के बाद डॉक्टर आईसीयू में पहुंचे. इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से देर से पहुंचने का कारण पूछा तो दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई. स्वजन का आरोप है कि डॉक्टर ने उनके साथ उग्र तरीके से बात की और धमकी भी दी.


मरीज की मौत और डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों के बाद परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़ गए. सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और हेल्थ मैनेजर सचिन चंचल मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन परिजन आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करते रहे.


स्थिति बिगड़ने की सूचना एसकेएमसीएच ओपी पुलिस को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया. पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने के बाद उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद हंगामा शांत हुआ.


हेल्थ मैनेजर सचिन चंचल ने बताया कि राजेश रौशन को अस्पताल में अत्यंत गंभीर स्थिति में लाया गया था. डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन गंभीर हालत के कारण उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि मौत के बाद परिजन भावुक होकर आक्रोशित हो गए थे.


एसकेएमसीएच के एमसीएच में भी एक मरीज की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हुए. वहां इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन शव छोड़कर चले गए. बाद में अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिजनों को बुलाकर शव सौंप दिया गया.


एसकेएमसीएच के नवनिर्मित आईसीयू का उद्घाटन बीते 3 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया था. इसके एक दिन पहले शुक्रवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने वार्ड का औचक निरीक्षण किया था. बताया गया कि निरीक्षण के दौरान कुछ चिकित्सक अपनी ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित मिले थे.


इसके अगले ही दिन आईसीयू में भर्ती मरीज की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर की अनुपस्थिति और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. अब पूरे मामले में परिजनों की शिकायत और अस्पताल की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.