मुजफ्फरपुर: नए साल की शुरुआत बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़े बदलाव के साथ होने जा रही है। पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में चलने वाली 20 ट्रेनों को अब सुपरफास्ट का दर्जा नहीं मिलेगा। इनमें मुजफ्फरपुर-आनंद विहार के बीच चलने वाली लोकप्रिय सप्तक्रांति एक्सप्रेस भी शामिल है। रेलवे ने इन ट्रेनों के नंबर बदलने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।

रेलवे के मुताबिक, 1 जनवरी 2027 से इन ट्रेनों के नंबर बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। नए नंबर अलग-अलग ट्रेनों में 1 से 7 जनवरी के बीच लागू किए जाएंगे। हालांकि, नंबर बदलने से ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रेनें अपने निर्धारित रूट पर चलती रहेंगी, लेकिन यात्रियों को टिकट बुक कराने और ट्रेन की जानकारी लेते समय नए नंबर का इस्तेमाल करना होगा।

सप्तक्रांति का भी बदल जाएगा नंबर

मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाले यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव सप्तक्रांति एक्सप्रेस को लेकर है। अभी मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस 12557 और वापसी में 12558 नंबर से चलती है। नए साल से इसके नंबर बदलकर 15577 और 15578 हो जाएंगे।

यानी जो यात्री हर बार 12557 या 12558 नंबर देखकर सप्तक्रांति की टिकट बुक करते हैं, उन्हें अब नया नंबर याद रखना होगा। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ ट्रेन नंबर में बदलाव है, इससे ट्रेन की सेवा या परिचालन व्यवस्था पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।

सुपरफास्ट का तमगा क्यों छिनेगा?

रेलवे सूत्रों के अनुसार इन ट्रेनों की रफ्तार और परिचालन परिस्थितियों को देखते हुए इन्हें सुपरफास्ट श्रेणी से हटाया जा रहा है। कई ट्रेनों का परिचालन ऐसे रेलखंडों से होता है जहां सिंगल लाइन या सीमित परिचालन क्षमता के कारण ट्रेन को अपेक्षित गति से चलाना मुश्किल होता है। ऐसे में सुपरफास्ट का दर्जा बनाए रखने की बजाय इन्हें सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में रखा जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि सुपरफास्ट का दर्जा खत्म होने से यात्रियों की जेब पर इसका सकारात्मक असर भी पड़ सकता है। ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को सुपरफास्ट सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा। इसका फायदा खासकर स्लीपर और एसी श्रेणी में सफर करने वाले यात्रियों को मिल सकता है।

इन ट्रेनों के भी बदलेंगे नंबर

मुजफ्फरपुर रेल मंडल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के नंबर भी बदले जाएंगे। इनमें दरभंगा-जालंधर और रक्सौल-लोकमान्य तिलक जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं।दरभंगा-जालंधर एक्सप्रेस का नंबर 22551 से बदलकर 15541 और जालंधर-दरभंगा का नंबर 22552 से बदलकर 15542 होगा।इसी तरह रक्सौल-लोकमान्य तिलक ट्रेन का नंबर 12545 से बदलकर 15545 और लोकमान्य तिलक-रक्सौल का नंबर 12546 से बदलकर 15546 किया जाएगा।मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति के दोनों नंबर भी इसी बदलाव का हिस्सा हैं। मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन अब 15577, जबकि आनंद विहार से मुजफ्फरपुर आने वाली ट्रेन 15578 नंबर से चलेगी।

यात्रियों को क्या करना होगा?

रेलवे के इस बदलाव के बाद यात्रियों को सबसे ज्यादा सावधानी टिकट बुकिंग के दौरान रखनी होगी। पुराना ट्रेन नंबर डालने पर कई बार सही ट्रेन की जानकारी सामने नहीं आ सकती है। ऐसे में यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की वेबसाइट या आरक्षण प्रणाली में नया ट्रेन नंबर जरूर जांच लेना चाहिए।ट्रेन का नंबर बदलने का मतलब यह नहीं है कि ट्रेन बंद हो रही है या उसका रूट बदल रहा है। ट्रेनें पहले की तरह अपने निर्धारित मार्ग पर चलेंगी। बदलाव मुख्य रूप से उनकी श्रेणी और नंबर से जुड़ा है।

मुजफ्फरपुर पहुंचने वाली कई ट्रेनें घंटों लेट

इधर, शनिवार को मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंचने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं। सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को एलटीटी-रक्सौल स्पेशल ट्रेन से हुई, जो अपने निर्धारित समय से करीब 28 घंटे 10 मिनट की देरी से मुजफ्फरपुर पहुंची।इसके अलावा मुजफ्फरपुर आने वाली 05590 हमसफर स्पेशल करीब 13 घंटे 46 मिनट, चंपारण हमसफर 5 घंटे 7 मिनट, नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल 5 घंटे 13 मिनट और अमृतसर-जयनगर स्पेशल करीब 5 घंटे की देरी से पहुंची।

वैशाली एक्सप्रेस भी करीब 2 घंटे 11 मिनट देर से जंक्शन पहुंची। ऐसे में एक तरफ रेलवे नए साल से ट्रेनों के नंबर और श्रेणी में बदलाव की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ यात्रियों के लिए समय पर ट्रेन पहुंचना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।कुल मिलाकर, 2027 की शुरुआत में रेलवे यात्रियों को कुछ नए ट्रेन नंबर याद करने होंगे, लेकिन सुपरफास्ट सरचार्ज खत्म होने से कई यात्रियों को किराए में राहत मिलने की उम्मीद है।