MUZAFFARPUR: बिहार में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। आए दिन आम लोग इन जालसाजों के बिछाए जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर का है जहां एक महिला और उसके पति को रिश्तेदार बनकर ठगी का शिकार बनाया गया। जालसाजों ने महिला के भाई का फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट (फेक प्रोफाइल) बनाकर दोनों से कुल एक लाख रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में पीड़ित महिला ने मुजफ्फरपुर के साइबर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
क्या है पूरा मामला:
मिली जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले चंपारण बॉर्डर इलाके के राजेपुर थाना अंतर्गत गोसाईपुर गांव की रहने वाली बिंदू देवी को साइबर अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। बिंदू देवी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि गत 16 मई को उनके पास उनके भाई दीपक सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट से एक मैसेज आया। चूंकि अकाउंट पर भाई की तस्वीर और नाम हूबहू थे, इसलिए महिला ने उसे पूरी तरह असली समझ लिया और जरा भी संदेह नहीं किया।
भाई की 'मजबूरी' देख झांसे में आई बहन:
जालसाज ने भाई का रूप धरकर मैसेज में अपनी कुछ बेहद गंभीर व्यक्तिगत परेशानियों का हवाला दिया। उसने बिंदू देवी से बेहद भावुक लहजे में तत्काल पैसों की मदद मांगी। भाई को संकट में समझकर बहन घबरा गई और उसने बिना किसी अतिरिक्त जांच-पड़ताल के मदद करने का फैसला कर लिया। साइबर अपराधी ने चैट पर ही एक बैंक खाता संख्या साझा की। झांसे में आकर बिंदू देवी ने तुरंत उस खाते में पहली बार में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके कुछ ही देर बाद जालसाज ने और पैसों की मांग की, जिस पर महिला ने दोबारा 30 हजार रुपये उसी खाते में भेज दिए।
पति ने भी भेजे 20 हजार रुपये:
सिलसिला यहीं नहीं थमा। जब ठग ने और पैसों की आवश्यकता जताई, तो बिंदू देवी के पति प्रदीप कुमार भी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने भी बिना सच्चाई जाने उसी दिए गए खाते में 20 हजार रुपये और ट्रांसफर कर दिए। इस तरह पति-पत्नी ने मिलकर कुल 1 लाख रुपये अपराधियों के खाते में डाल दिए।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज:
पैसे ट्रांसफर करने के कुछ समय बाद जब बिंदू देवी ने अपने भाई दीपक सिंह से सीधे फोन पर बात की और रुपयों की प्राप्ति के बारे में पूछा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। भाई ने किसी भी तरह के मैसेज भेजने या आर्थिक मदद मांगने की बात से साफ इनकार कर दिया। तब जाकर दंपती को समझ आया कि वे एक सोची-समझी साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं और जिस अकाउंट से मैसेज आ रहे थे, वह फर्जी था।
ठगी का अहसास होते ही महिला ने तुरंत भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मंगलवार को मुजफ्फरपुर साइबर थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस कर रही है जांच:मामला दर्ज होने के बाद साइबर थाने की पुलिस तकनीकी सेल की मदद से उस फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के आईपी एड्रेस (IP Address) और जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उसकी कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।